भोपाल समाचार, 21 जून 2026: मध्य प्रदेश शासन के वित्त विभाग ने Pramukh Pensioners Association Indore द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों और मांगों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। 18 जून 2026 को प्राप्त इस आधिकारिक उत्तर क्रमांक 625 में सरकार ने 7वें वेतनमान के एरियर, 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन की शुरुआत और पुरानी पेंशन योजना (OPS) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी नीतिगत स्थिति (Policy Stand) साझा की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कई मांगें वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता और राज्य की प्राथमिकताओं पर निर्भर करती हैं।
MP Government Pensioners 7th Pay Commission Arrears and 6th Pay Scale Status
पेंशनरों की एक प्रमुख मांग 7वें वेतनमान के एरियर के भुगतान को लेकर थी। इस पर वित्त विभाग ने जानकारी दी है कि 01.01.2016 से 31.03.2018 के बीच के कुल 27 माह के एरियर का भुगतान 1 अप्रैल 2018 से पहले ही किया जा चुका है। वहीं, 6वें वेतनमान के अंतर्गत 01.01.2006 से 31.08.2008 के बीच के 32 माह के एरियर का मामला फिलहाल माननीय उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में SLP के माध्यम से विचाराधीन है, जिसके कारण इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
Additional Pension for MP Pensioners from Age 65: Latest Update on 5 Percent Increase
पेंशनर्स एसोसिएशन ने मांग की थी कि अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी 65 वर्ष की आयु से 05 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन दी जानी चाहिए। वर्तमान नियमों के अनुसार, मध्यप्रदेश में 80 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर ही अतिरिक्त पेंशन का लाभ दिया जाता है। सरकार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि राज्य अपने वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखकर निर्णय लेता है और वर्तमान में 65 वर्ष से अतिरिक्त पेंशन देने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इसके साथ ही, जुलाई 2019 से केंद्र के समान महंगाई राहत (Dearness Relief) देने का मुद्दा भी राज्य की वित्तीय प्राथमिकताओं के अंतर्गत रखा गया है।
Health Insurance Scheme for Madhya Pradesh Pensioners and Medical Facilities
मध्यप्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए Health Insurance Scheme for MP Pensioners एक बड़ी मांग रही है। वित्त विभाग ने इस संबंध में बताया है कि पेंशनरों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने का विषय 'लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग' से संबंधित है। इस मांग के संबंध में ज्ञापन की प्रति संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी गई है। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत ट्रिब्यूनल गठन के निर्देश भी सामाजिक न्याय विभाग को भेजे गए हैं।
Old Pension Scheme vs NPS in Madhya Pradesh and Pension Commutation Rules
पेंशनर्स द्वारा Old Pension Scheme (OPS) को बहाल करने और NPS (New Pension Scheme) को समाप्त करने की मांग पर सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाया है। विभाग के अनुसार, 1 जनवरी 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए वर्तमान में एन.पी.एस. ही प्रभावी है और ओ.पी.एस. लागू करना एक नीतिगत निर्णय है। वहीं, Pension Commutation (पेंशन सारांशीकरण) की अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष करने की मांग को भी नियमों का हवाला देते हुए स्वीकार नहीं किया गया है; वर्तमान प्रावधानों के अनुसार 15 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही पूर्ण पेंशन बहाल की जाती है।
MP-Chhattisgarh Reorganization Act Section 49(6) and Inter-State Pension Issues
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच पेंशन दायित्वों के बंटवारे से जुड़ा MP-CG Reorganization Act 2000 Section 49(6) भी चर्चा में रहा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केंद्र सरकार का अधिनियम है और दोनों राज्यों की आपसी सहमति के आधार पर ही इस पर कोई नीतिगत निर्णय लिया जा सकता है। विभाग ने अंत में यह दोहराया कि अधिकांश मांगें वित्तीय संसाधनों और शासन की प्राथमिकताओं पर आधारित होती हैं, जिन्हें समय-समय पर विचार हेतु लिया जाता है। रिपोर्ट: शोएब सिद्दीकी।

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