CPI Sir, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करें

Updesh Awasthee
आयुक्त महोदय,
सविनय निवेदन है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय दिनांक 01 सितम्बर 2025, Anjuman Ishaat-E-Taleem Trust v. Anjuman Ishaat-E-Taleem Trust State of Maharashtra Judgment (Civil Appeal No. 1385/2025 and Other Related Cases) में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को शिक्षक नियुक्ति एवं सेवा निरंतरता हेतु अनिवार्य न्यूनतम अर्हता माना है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि TET एक वैधानिक योग्यता है तथा इसके अभाव में शिक्षक पद पर नियुक्ति या पदोन्नति का दावा स्वीकार्य नहीं होगा।

वर्तमान में मध्यप्रदेश के शासकीय विद्यालयों में बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से अनेक शिक्षक, शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण नहीं हैं। ऐसे में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के उक्त निर्णय तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के संवैधानिक उद्देश्य को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यक है कि विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्पष्ट एवं एकरूप नीति निर्धारित की जाए। अतः निवेदन है कि निम्न बिंदुओं पर विचार कर आवश्यक आदेश जारी करने का कष्ट करें:-
(1.) शैक्षणिक सत्र 2026-27 में केवल TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही अतिथि शिक्षक के रूप में पुनर्नियुक्ति (Rejoining) प्रदान की जाए।
(2.) TET अर्हता से वंचित व्यक्तियों को नवीन अथवा पुनर्नियुक्ति हेतु पात्र न माना जाए।
(3.) विद्यार्थियों के हित एवं शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का अनुपालन करते हुए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएँ।
(4.) समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश प्रसारित किए जाएँ।
(5.) अतिथि शिक्षक पोर्टल एवं चयन प्रक्रिया में TET पात्रता को अनिवार्य शर्त के रूप में सम्मिलित किया जाए।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में यह प्रतिपादित किया है कि TET शिक्षक पद हेतु आवश्यक न्यूनतम व्यावसायिक योग्यता है तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रशिक्षित एवं पात्र शिक्षकों की उपलब्धता अनिवार्य है। अतः विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित, शिक्षा की गुणवत्ता तथा न्यायालयीन आदेशों के प्रभावी अनुपालन हेतु उपर्युक्त विषय में आवश्यक नीति निर्धारण एवं आदेश जारी करने की कृपा करें।
भवदीय, Neeraj Kumar Dohare - neerajkumardohare@gmail.com

अस्वीकरण: खुला-खत एक ओपन प्लेटफार्म है। यहां मध्य प्रदेश के सभी जागरूक नागरिक सरकारी नीतियों की समीक्षा करते हैं। सुझाव देते हैं एवं समस्याओं की जानकारी देते हैं। पत्र लेखक के विचार उसके निजी होते हैं। यदि आपके पास भी है कुछ ऐसा जो मध्य प्रदेश के हित में हो, तो कृपया लिख भेजिए हमारा ई-पता है:- editorbhopalsamachar@gmail.com

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