भोपाल, 20 जून 2026: मध्य प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) या मृत्यु होने पर मिलने वाले पेंशन और भविष्य निधि (GPF) के भुगतान की प्रक्रिया के नियम बदल दिए हैं। हम इस समाचार में, बदले हुए नियम के बारे में सरल हिंदी में बता रहे हैं ताकि सबको आसानी से समझ में आ जाए।
Big Change for Government Employees in MP, Pension and Post-Death Payment Rules Revised
अब अंतिम भुगतान के लिए सरकारी कंप्यूटर प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए 'संचालक पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा' विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कर्मचारी अब हर महीने ऑनलाइन देख सकेंगे कि उनकी भविष्य निधि (GPF) से कितनी कटौती हुई है। अगर कोई गलती दिखे, तो वे तुरंत अपने ऑफिस (आहरण एवं संवितरण अधिकारी) को शिकायत कर सकते हैं।
रिटायरमेंट से 4 महीने पहले जब पैसे कटना बंद हो जाते हैं, तब कर्मचारियों को अपने ब्याज की गणना जाँच लेनी चाहिए और रिटायरमेंट से 4 महीने पहले ही भुगतान के लिए आवेदन कर देना चाहिए।
आवेदन करने से लेकर पैसा मिलने तक कर्मचारी अपना बैंक खाता नहीं बदल सकेंगे।
पैसा उसी बैंक खाते में आएगा जिसमें पिछले 6 महीनों से लगातार वेतन (सैलरी) आ रहा था।
आवेदन के समय मोबाइल पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे सुरक्षित रखना कर्मचारी की जिम्मेदारी होगी। विभाग कर्मचारी की पासबुक और सर्विस बुक का मिलान करेगा और दस्तावेजों को स्कैन करके ऑनलाइन अपलोड करेगा।
कर्मचारी की मृत्यु होने पर:
अगर कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो विभाग उनके परिवार से जानकारी लेकर बैंक खाता अपडेट करेगा। पैसा नॉमिनी (नामांकित व्यक्ति) के खाते में भेजा जाएगा। अगर नॉमिनी छोटा (नाबालिग) है, तो पैसा संरक्षक के साथ खुले संयुक्त खाते में जमा होगा। भविष्य में नियमों को और कड़ा किया जाएगा। जुलाई 2026 के बाद रिकॉर्ड में कोई भी सुधार केवल ठोस सबूतों और बड़े अधिकारियों की सिफारिश पर ही हो पाएगा। साथ ही, भुगतान के लिए जारी ऑनलाइन लेटर (प्राधिकार पत्र) केवल 6 महीने के लिए ही मान्य रहेगा।

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