भोपाल, 23 जून 2026: मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग ने शहडोल जिले के तत्कालीन विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) बुढार, श्री अशोक कुमार शर्मा को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के चलते शासकीय सेवा से पदच्युत (Dismissed) कर दिया गया है। यह आदेश (BEO Budhar Ashok Kumar Sharma dismissal order) 23 जून 2026 को जारी किया गया, जिसमें शर्मा के विरुद्ध लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को सही पाया गया।
Financial irregularities and illegal bank accounts by BEO Ashok Kumar Sharma
अशोक कुमार शर्मा पर आरोप था कि उन्होंने 02 जून 2014 से 03 फरवरी 2020 के बीच सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना विभिन्न बैंकों में 06 अलग-अलग बैंक खाते खोलकर शासकीय राशि का गबन किया। जांच में पाया गया कि उन्होंने लगभग 1,01,72,176 रुपये की राशि का गबन कर उसे निजी लाभ के लिए उपयोग किया।
इसके अतिरिक्त, उन पर शासन के निर्देशों के बाद भी बैंक खाते बंद न करने, ब्याज राशि सरकारी खजाने में जमा न करने और बिना स्वीकृति के सामग्री क्रय व भुगतान करने जैसे 7 गंभीर आरोप प्रमाणित पाए गए।
Supreme Court sets aside High Court order in Ashok Kumar Sharma case
इस मामले में कानूनी दांवपेच भी देखने को मिले। प्रारंभ में, माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने श्री शर्मा के विरुद्ध दर्ज FIR को निरस्त कर दिया था। हालांकि, राज्य शासन ने इस निर्णय के खिलाफ माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में अपील की। 12 फरवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को पलटते हुए स्पष्ट किया कि प्राथमिकी केवल अपराध की घटना को बताती है और हाई कोर्ट को जांच के बिना "मिनी-ट्रायल" नहीं करना चाहिए था।
इस महत्वपूर्ण मोड़ के बाद ही financial irregularities in government schools Shahdol की विभागीय जांच को अंतिम रूप दिया जा सका।
Massive recovery of 2.08 crore ordered under MP Civil Services Rules 1966
विभागीय जांच रिपोर्ट (Enquiry Report) में सभी प्रमुख आरोप सिद्ध होने के बाद, प्रशासन ने न केवल सेवा से बर्खास्तगी का फैसला लिया, बल्कि आर्थिक दंड भी लगाया है। शासन ने श्री शर्मा से कुल 2,08,74,698 रुपये की वसूली (Recovery) करने का भी आदेश दिया है, जो उनके कार्यकाल के दौरान गबन की गई कुल राशि है। इसके साथ ही, उनकी निलंबन अवधि (16.06.2021 से 03.04.2023) को भी कर्तव्य अवधि मान्य नहीं किया गया है।
यह निर्णय MP Civil Services Rules 1966 suspension and dismissal के नियमों के तहत लिया गया है।
Final dismissal order by Principal Secretary of Madhya Pradesh Tribal Welfare Department
जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा जारी अंतिम आदेश में स्पष्ट किया गया है कि श्री शर्मा का कृत्य अत्यंत गंभीर था, जिससे शासन को भारी आर्थिक क्षति हुई। लोक सेवा आयोग इंदौर (MPPSC) से भी इस दंड के लिए सहमति प्राप्त की गई। वर्तमान में श्री शर्मा शासकीय उत्कृष्ट बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाली, जिला उमरिया में व्याख्याता के पद पर कार्यरत थे, जहाँ से अब उन्हें तत्काल प्रभाव से 'सेवा से पदच्युत' (Dismissed from Service) कर दिया गया है।
BEO Budhar Ashok Kumar Sharma dismissal order pdf download
ऑर्डर की कॉपी पीडीएफ फाइल टेलीग्राम चैनल (https://t.me/bhopalsamachar1) पर उपलब्ध है। तत्काल डाउनलोड कर सकते हैं अथवा बाद में "BEO Budhar Ashok Kumar Sharma dismissal order" कीवर्ड से सर्च कर सकते हैं।

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