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हत्या की साजिश रचना, योजना बनाना किस धारा के तहत अपराध है - LEARN IPC SECTION 308

हमने आपको धारा 299 में आपराधिक मानव वध की परिभाषा बताई थी एवं बताया था कि एक मानव वध हत्या का अपराध नहीं होता है क्योंकि भारतीय दंड संहिता की धारा 300 में हत्या की परिभाषा बताई थी। पिछले लेख की धारा 307 में बताया था कि हत्या का प्रयास करना कितना गंभीर अपराध होता है। अगर कोई व्यक्ति आपराधिक मानव वध का प्रयास करता है तो यह अपराध एक अलग धारा के अंतर्गत माना जाएगा। 

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 308 के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-

जब कोई व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति के लिए आपराधिक मानव वध की योजना बनाई जाए या मृत्यु करनें के लिए प्रयास किया जाए तब ऐसा अपराध असफल हो जाए या जिस व्यक्ति का वध करना था वह बच जाता है, ऐसे में मानव वध का प्रयत्न करने वाला व्यक्ति धारा 308 के अंतर्गत दोषी होगा।

भारतीय दंड संहिता ,1860 की धारा 308 के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-

इस धारा का अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं है, यह संज्ञेय एवं अजमानतीय अपराध होते हैं, इनकी सुनवाई का अधिकार सत्र न्यायालय को होता है। सजा- इस धारा के अपराध  की सजा को दो भागों में बांटा गया है-
1. अपराध मानव वध का प्रयास मात्र करने पर- तीन वर्ष की कारावास या जुर्माना मात्र या दोनो से दाण्डित किया जा सकता है।
2. आपराधिक मानव वध का प्रयास करते समय अगर कोई उपहति होती है तब- सात वर्ष की कारावास या जुर्माना या दोनो से दाण्डित किया जा सकता है।  :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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