भोपाल कलेक्टर या तो भविष्य में याद किए जाएंगे, या विकास का रोड़ा कहलाएंगे

Updesh Awasthee
भोपाल, 29 जून 2026:
भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और भोपाल के कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा समय के एक ऐसे मोड़ पर आकर खड़े हो गए हैं, जिसके कारण भविष्य में इनको या तो भोपाल के सबसे अच्छे कलेक्टरों में याद किया जाएगा या फिर भोपाल के विकास का एक ऐसा रोड़ा कहा जाएगा, जिसके कारण भोपाल का बिजनेस ग्लोबल नहीं हो पाया। 

बात ऐसी है कि भोपाल को भारत सरकार के महत्वाकांक्षी 'डिस्ट्रिक्ट एज़ एक्सपोर्ट हब' इनिशिएटिव (District as Export Hub Initiative) के तहत चयनित देश के 120 प्रतिष्ठित जिलों में भोपाल को शामिल किया गया है। आम आदमी को यह सब कुछ समझ में नहीं आएगा लेकिन, आम आदमी को रोजगार देने वाले व्यापारियों को बड़े आसानी से समझ में आता है। भोपाल को भारत के ऐसे 120 जिलों में शामिल किया गया है जहां से प्रोडक्ट को डायरेक्ट एक्सपोर्ट किया जा सकेगा। यानी भोपाल से सारी दुनिया में कारोबार करना आसान हो जाएगा। यह एक गोल्डन ऑपच्यरुनिटी है जो किसी भी शहर के जीवन में बहुत कम मिलती है और जिस शहर को ऐसा अवसर मिलता है, सिर्फ 5 साल की भीतर उसमें बड़ा चेंज दिखाई देने लगता है। 

कलेक्टर श्री मिश्र को इस सुनहरे अवसर के बारे में पता है। उन्होंने जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक बुलाई। बैठक में जिले के निर्यात परिदृश्य को सुदृढ़ करने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने पर बल देते हुए कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने कहा कि: "हमारा मुख्य ध्येय जिले में नए निर्यातकों की संख्या में वृद्धि करना और वर्तमान में कार्यरत निर्यातकों को हर संभव तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग प्रदान करना है। इसके लिए एक प्रभावी 'क्लस्टर आधारित मॉडल' विकसित किया जाना चाहिए, जो हमारे उद्यमियों और निर्यातकों को सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त एक सुगम, पारदर्शी और सर्व-सुविधायुक्त वातावरण प्रदान कर सके, जिससे भोपाल के निर्यात ग्राफ में आशातीत वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।"

कलेक्टर श्री मिश्रा ने जिले में व्यावसायिक और व्यापारिक गतिविधियों को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से आगामी 'ई-कॉमर्स समिट' के सफल आयोजन के संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने निर्देशित किया कि इस समिट में 100 से अधिक सक्रिय हितधारकों और प्रतिभागियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने नाबार्ड (NABARD), सिडबी (SIDBI), एक्जिम बैंक (EXIM Bank) और डीजीएफटी (DGFT) सहित विभिन्न वित्तीय और शासकीय विभागों द्वारा निर्यात संवर्धन के लिए प्रदान की जाने वाली विशिष्ट सुविधाओं, अनुदानों और नीतियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए ताकि स्थानीय उद्यमी जागरूक होकर इनका अधिकतम लाभ उठा सकें।

निर्यातकों की व्यावहारिक समस्याओं और जमीनी अड़चनों के त्वरित व प्रभावी निराकरण के लिए कलेक्टर श्री मिश्रा ने स्पष्ट निर्देशित किया कि आगामी बैठक में 'उद्यम मित्रों' को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाए। इससे निर्यात प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों और शिकायतों (ग्रीवेंस) को सीधे सुना जा सकेगा और विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से उनका समयबद्ध व स्थाई समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बैठक के दौरान विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के संयुक्त निदेशक श्री अभिषेक शर्मा ने 'डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट एक्शन प्लान' (District Export Action Plan) का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने भोपाल जिले द्वारा निर्यात के क्षेत्र में अब तक की गई उल्लेखनीय प्रगति और अर्जित उपलब्धियों को साझा करते हुए विभिन्न एजेंसियों और निर्यातकों को जागरूक करने के लिए आगे की रणनीतिक कार्ययोजना की रूपरेखा सामने रखी।
न्यूज सोर्स: प्रेस सूचना क्रमांक/603/06-26/101, विजय/अवंतिका जायसवाल, संभागीय जनसंपर्क कार्यालय भोपाल।
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