इंदौर, 26 जून 2026: लोकायुक्त की टीम रिश्वतखोर पटवारी को गिरफ्तार करने के लिए इंदौर से झाबुआ पहुंची। ट्रैप की रणनीति बनाई, सिविल ड्रेस में चारों तरफ फैल गए, घंटों इंतजार करते रहे लेकिन रिश्वत का लालची पटवारी नहीं आया। उसको पता चल गया था कि आज उसके लिए लोकायुक्त का जाल बिछाया गया है। इसके बाद भी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
झाबुआ में खसरा खतौनी अपडेट करने 20000 रुपए रिश्वत मांगी
कहानी कुछ इस प्रकार है कि, आवेदक श्री देवा मेडा पिता श्री प्रेमचन्द मेडा, उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम सुरडीया तहसील राणापुर जिला झाबुआ, ग्राम सुरडीया तहसील राणापुर जिला झाबुआ का रहने वाला है। उसके ताऊ की मृत्यु हो गई थी। कृषि भूमि के बंटवारे के लिए खसरा खतौनी अपडेट करने थे। इसके लिए आवेदक ने अपने क्षेत्र के हल्का पटवारी श्री संदीप पवार, पटवारी, प.ह.नं. 06 ग्राम सुरडिया तहसील रानापुर जिला झाबुआ से संपर्क किया। नियम के अनुसार खतरा खतौनी अपडेट करने के बदले में उसने ₹20000 रिश्वत की मांग की। जिसकी शिकायत श्री राजेश सहाय, पुलिस अधीक्षक, विपुस्था, लोकायुक्त कार्यालय इंदौर को की गई। शिकायत की सत्यापन और ऑडियो एविडेंस कलेक्ट करने के लिए शिकायतकर्ता और पटवारी की फिर से बातचीत करवाई गई।
इंदौर लोकायुक्त ने झाबुआ में रिश्वतखोर पटवारी को पकड़ने जाल बिछाया
इस दौरान शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत की रकम को लेकर सौदेबाजी की गई। दोनों की बातचीत रिकॉर्ड हो जाने के बाद, जिसमें रिश्वत की मांग करना और रिश्वत नहीं देने पर नियम के अनुसार खसरा खतौनी अपडेट नहीं करने की धमकी देना, रिकॉर्ड हो गया। इसके आधार पर रिश्वतखोर पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार करने के लिए ट्रैप दल का गठन किया गया। ट्रेपदल में कार्यवाहक निरीक्षक श्री सचिन पटेरिया, कार्यवाहक प्रआरगण श्री रणजीत द्विवेदी, श्री विवेक मिश्रा, आरक्षकगण श्री विजय कुमार, आरक्षक श्री आशीष नायडू आरक्षक श्री कृष्ण अहिरवार को शामिल किया गया।
रिश्वतखोर पटवारी लोकायुक्त को चकमा देकर निकल गया
शिकायतकर्ता को केमिकल युक्त नोट दिए गए और सभी लोग पटवारी संदीप पवार द्वारा बताए गए स्थान पर निर्धारित समय पर पहुंच गए परंतु शायद पटवारी का नेटवर्क तगड़ा था। उसको इलाके में लोकायुक्त के आने की भनक लग गई। वह रिश्वत लेने नहीं आया और अपना मोबाइल स्विच ऑफ करके किसी अज्ञात स्थान पर जाकर छुप गया।
झाबुआ के पटवारी संदीप पवार के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज
जब लोकायुक्त की टीम को यह विश्वास हो गया कि वह नहीं आएगा, तो पटवारी संदीप पवार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। यहां उल्लेख करना जरूरी है कि, ऐसा नहीं है कि यदि रंगे हाथों नहीं पकड़े जाएंगे तो निर्दोष माने जाएंगे। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वत की मांग करना और इसको प्रमाणित करने के लिए ऑडियो रिकॉर्डिंग एवं एक स्वतंत्र गवाह पर्याप्त होते हैं। यहां तो किसान के साथ लोकायुक्त का पूरा सिस्टम इसका गवाह है।

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