बेटे को विदेश भेजने वाले मां-बाप की डेड बॉडी भोपाल में सड़ती रही : The impact of social change

Updesh Awasthee
भोपाल, 27 जून 2026:
समाज में काफी कुछ बदल गया है। पहले अच्छा अवसर या मजबूरी होने पर ही लोग रोजगार के लिए अपने माता-पिता को छोड़कर जाते थे लेकिन अब तो फैशन बन गया है। खुद माता-पिता अपने बच्चों को करियर के नाम पर किसी दूसरे शहर में भेजते हैं। भोपाल में सरकारी नौकरी से रिटायर हुए पैरंट्स ने अपने बच्चों को अच्छे करियर के लिए विदेश भेजा। यहां उनकी मौत हो गई, लोगों को तब पता चला जब उनकी डेड बॉडी सड़ने लगी। 

Parents Who Sent Son Abroad Found Dead in Bhopal, Case Sparks Debate on Changing Family Values 

हेमंत बारिक की उम्र 64 वर्ष थी वह हाल ही में रेलवे से रिटायर हुए हैं। उनकी पत्नी शकुंतला बारिक की उम्र 62 वर्ष है। कस्तूरबा अस्पताल में स्टाफ नर्स के पद पर काम कर रही थी और इसी साल रिटायर हुई है। दोनों सरकारी कर्मचारी, सातवां वेतनमान के बाद रिटायर हुए। अच्छी खासी पेंशन बनी थी। ऐशबाग थाना क्षेत्र के सुदामा नगर में खूब बड़ा घर है, लेकिन रहने के लिए परिवार नहीं। स्टूडेंट्स को किराए पर दे दिया था, ताकि कुछ तो चहल-पहल बनी रहे। शुक्रवार को किराए पर रहने वाले छात्रों ने पुलिस को बताया कि, अंकल आंटी के रूम से दुर्गंध आ रही है। उनको दो दिन से नहीं देखा। जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो देखा कि दोनों की डेड बॉडी सड़ने लगी थी। 

पुलिस की इन्वेस्टीगेशन में अब तक किसी के घर में घुसने और हत्या के कोई संकेत नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु के कारण का पता चल पाएगा। अब यह बीमारी से मौत हो या आत्महत्या लेकिन इससे अधिक कष्ट की बात यह है, जिस संतान को उन्होंने पढ़ाया लिखाया और विदेश भेजा, एक कामयाब इंसान बनाया, मृत्यु से पूर्व कष्ट के समय वह उनके साथ नहीं था।

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