शहडोल, 29 जून 2026: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में कूटरचित और फर्जी दस्तावेजों (fraudulent documents) के सहारे सरकारी तंत्र को गुमराह करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। नगर तथा ग्राम निवेश (Town and Country Planning) कार्यालय शहडोल ने श्री विकास सचदेव द्वारा की गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कार्यवाही शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि श्री चंद्र प्रकाश आहूजा (उमरिया के प्रतिष्ठित एवं करोड़पति कारोबारी) ने साल 2019 में धोखाधड़ी कर विकास अनुज्ञा पत्र (Development Permission) प्राप्त किया था, जिसे अब निरस्त करने की मांग की जा रही है।
Umaria news: Chandra Prakash Ahuja accused of using fake affidavits for warehouse construction
इस पूरे विवाद के केंद्र में पुराना पड़ाव, उमरिया के निवासी चंद्र प्रकाश आहूजा हैं। श्री आहूजा उमरिया के प्रतिष्ठित नागरिक हैं और करोड़पति कारोबारी हैं। उनके ऊपर आरोप है कि, गोदाम निर्माण (Warehouse Construction) हेतु विकास अनुज्ञा प्राप्त करने के लिए फर्जी शपथ पत्र (fake affidavits) और कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया। अनुविभागीय अधिकारी (SDO Revenue) तहसील बांधवगढ़ को भेजे गए पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि ग्राम लालपुर स्थित खसरा क्रमांक 89/1/1/1/1 (रकबा 0.76 हेक्टेयर) की भूमि पर यह अवैध अनुमति प्राप्त की गई थी। प्रशासन अब इस land document fraud in Madhya Pradesh की गंभीरता से जांच कर रहा है।
Allegations of fake Khasra and illegal construction on compensation-paid government land
शिकायत की तकनीकी बारीकियों पर गौर करें तो यह मामला illegal construction on government land से भी जुड़ा है। आरोप है कि उमरिया खास की वह भूमि, जिसके लिए पूर्व में मुआवजा प्राप्त (compensation received) किया जा चुका था, उस पर फर्जी बढ़ा हुआ खसरा (fake increased khasra) प्रस्तुत किया गया। मुआवजा प्राप्त शासकीय भूमि पर इस तरह से अनुज्ञा लेना और उस पर अवैध निर्माण (Illegal Construction) करना भी सवाल खड़े करता है। Fake khasra and affidavit for land encroachment जैसे गंभीर आरोपों के कारण अब पूर्व में जारी अनुज्ञा पत्र क्रमांक 33/उमरिया/वि.अ./2019 को निरस्त करने की प्रक्रिया विचाराधीन है।
Town and Country Planning Shahdol orders investigation into Umaria land scam
नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के सहायक संचालक ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) उमरिया को पत्र लिखकर जाँच के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि SDO Revenue investigation Umaria land fraud के तहत शिकायत का सूक्ष्म परीक्षण किया जाए और आवेदक को कार्यवाही से अवगत कराया जाए। इसके साथ ही, नगर पालिका परिषद उमरिया को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायत में वर्णित अवैध निर्माण का भौतिक सत्यापन (physical verification) करें।

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