BHOPAL में AI के कारण बेरोजगार हुए इंजीनियर ने सुसाइड कर लिया, रीवा का रहने वाला था

Updesh Awasthee
भोपाल, 29 जून 2026:
दुनिया बदल रही है लेकिन इस बदलाव में कई लोगों की जिंदगी तबाह हो रही है। AI ने बहुत कुछ आसान कर दिया है लेकिन कुछ लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। रीवा का रहने वाला विवाहित युवा इंजीनियर, मुंबई की कंपनी में काम कर रहा था लेकिन AI के कारण LAYOFFS की लिस्ट में आ गया। जब नौकरी और रोजगार की सारी उम्मीद ही टूट गई तो युवा इंजीनियर ने सुसाइड कर लिया। 

Bhopal Engineer Dies by Suicide; Family Links Job Loss to AI 

मामला भोपाल के रोहित नगर फेस वन का है। शाहपुर पुलिस के अनुसार युवक का नाम गौरव पांडे उम्र 47 वर्ष है। वह मूल रूप से रीवा के रहने वाले थे। भोपाल में उनकी ससुराल है। मुंबई में एक बड़ी कंपनी में नौकरी करते थे। AI के कारण LAYOFFS की लिस्ट में उनका नाम भी आ गया। 1 साल पहले उनको नौकरी से निकाल दिया गया। विकल्प की तलाश में वह अपनी ससुराल भोपाल आ गए। पिछले 1 साल से भोपाल में ही रह रहे थे। इस दौरान उन्होंने हर संभव कोशिश की, लेकिन कहीं कोई सफलता नहीं मिली। इधर उनकी बिटिया बड़ी होने लगी, वह 12वीं में आ गई है। उसकी पढ़ाई के खर्च बढ़ रहे थे। घर में तनाव बढ़ने लगा। दोपहर का खाना खाने के बाद वह रूम में चले गए थे। शाम की चाय के लिए जब उनकी पत्नी उन्हें जगाने के लिए पहुंची, तो उनकी डेड बॉडी फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। 

AI का शिकार लोगों के लिए कुछ तो करना चाहिए

AI को बंद नहीं किया जा सकता लेकिन AI के कारण जो लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं, जिनकी उम्र 30 से 60 वर्ष के बीच है। उनको यूजलेस मानकर लावारिस छोड़ देना गलत होगा। भारत में ऐसे लाखों लोग हैं जिन्होंने प्राइवेट सेक्टर में अपनी स्किल के दम पर एक मुकाम हासिल किया। AI की तूफान को समझ नहीं पाए और बेरोजगार हो गए हैं। इनके अंदर अभी भी स्किल बाकी है। इनमें से ज्यादातर लोग होम लोन इत्यादि के प्रेशर में है। जिंदगी भर नौकरी की है इसलिए बिजनेस की हिम्मत नहीं कर सकते, परंतु ऐसा नहीं है कि कचरा हो गए हैं। सरकार को कोई योजना बनानी चाहिए। उनकी योग्यता का उपयोग किया जाना चाहिए। कम से कम जीवन यापन के लायक रोजगार तो मिलना चाहिए।

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