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धमकी देकर चोरी करने वाले के खिलाफ FIR में कौन सी धारा दर्ज की जाएगी - ASK IPC

Threatening during a theft incident

अक्सर हम सुनते हैं कि कोई चोर घर में चोरी करने आया है और उसके साथी बाहर है, उनकी धमकी देकर वह चोरी करता है या वह स्वयं स्वामी को मारने की धमकी देकर चोरी करता है। उसके लिए चोरी के अपराध की एक नई धारा के अंतर्गत मामला दर्ज होगा जानिए।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 382 की परिभाषा:-

अगर कोई व्यक्ति अपने दोस्तों या साथियों के साथ किसी व्यक्ति के घर में चोरी करता है या अकेला चोरी करता है तब वह या दोस्तों के साथ मिलकर किसी स्वामी को मृत्यु की, चोट पंहुचने की आदि की धमकी दे कर चोरी करता है। वह या उसके सभी साथी धारा 382 के अंतर्गत दोषी होंगे।
नोट:- यह धारा धमकी मात्र पर ही लागू होती है, अगर चोट या मृत्यु हो जाती है तो उसके लिए अन्य धारा के अंतर्गत कार्यवाही होगी।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 382 के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-

इस धारा के अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं होते हैं। यह संज्ञेय एवं अजमानतीय अपराध होते हैं,इनकी सुनवाई का अधिकार प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट को होता है। सजा- दस वर्ष की कठिन कारावास ओर जुर्माने से दण्डित किया जा सकता है।

उधरणानुसार:- यदि तीन व्यक्ति मिलकर किसी व्यक्ति को उसकी घड़ी चराने के उद्देश्य से घेर लेते हैं ताकि वह व्यक्ति उनका विरोध न कर पाएं। बिना बल प्रयोग किए वह व्यक्ति डर के कारण अपनी घड़ी दे देता है। इस अपराध में तीनों व्यक्ति धारा 382/34 के अंतर्गत दोषी होंगे। 
लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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