पॉलीटेक्निक कॉलेजों के अतिथि व्याख्याता परिवार सहित उपचुनाव में मतदान नहीं करेंगे - EMPLOYEE NEWS

Bhopal Samachar
0
ग्वालियर
। आज पॉलीटेक्निक अतिथि व्याख्याता संघ, म.प्र. ने शिन्दे की छावनी लश्कर ग्वालियर में स्थित एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आगामी उपचुनाव में मतदान न करने का निर्णय लिया।

संगठन के अध्यक्ष योगेश इन्दोरिया ने बताया कि पिछले कई वर्षों से पॉलीटेक्निक महाविद्यालयो में कार्यरत अतिथि व्याख्याता शोषण का शिकार हो रहे है। दिन प्रतिदिन शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के प्राचार्यो का रवैया दमनकारी होता जा रहा है। जिस कारण पूर्व में हमारे साथी अतिथि व्याख्याता वृंदावन प्यासी ने आत्म हत्या कर ली थी जो कि शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज पवई, जिला पन्ना में कार्यरत थे।

इसी प्रकार शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज भिंड में भी अतिथि व्याख्याताओं के साथ शोषण तथा दमनकारी रवैया से कॉलेज प्रशासन द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा है। ऐसे ही मध्य प्रदेश में कई पॉलीटेक्निक कॉलेज है जिनमे  अतिथि व्याख्याताओ को प्रताड़ित  किया जा रहा है।लेकिन रोजी रोटी के  चलते परिवार का भरण पोषण करने हेतु सब कुछ सहन कर सकुशलता से अध्यापन कार्य कर रहे है।

संगठन ने अतिथि व्याख्याताओं से गूगल फॉर्म भरवाकर अतिथि व्याख्याताओ से चुनाव के बहिष्कार की सहमति ली है। जिसमे करीब 5 हजार अतिथि व्याख्याताओ ने परिवार सहित मतदान न करने का निर्णय लिया है।

अतिथि व्याख्याताओं ने कोरोना महामारी में लॉक डाउन मानदेय की मांग की तो शासन ने लॉक डाउन मानदेय के नाम पर अतिथि व्याख्याताओ से भद्दा मजाक किया है।इस महामारी के विगत 6 माह में  किसी कॉलेज में 10 से 15 दिन तथा किसी कॉलेज में लॉक डाउन मानदेय के नाम पर 12 दिन का मानदेय दिया है।

वर्तमान में ऑनलाइन कक्षाएं महाविद्यालयों में संचालित की जा रही है। जिसमे 400 सौ रुपए प्रति घंटा मानदेय वाला अतिथि व्याख्याता स्वयं के मोबाइल व इंटरनेट का प्रयोग कर कॉलेज की कक्षायो में उपस्थित रहकर अध्यापन कार्य करा रहा है। जो कि इस महामारी में दुर्भाग्य पूर्ण है। यदि कुछ हो गया तो उसके परिवार की जिम्मेदारी भी प्रशासन की नहीं होगी। वहीं 80 हजार से डेढ़ लाख वेतन पाने वाले नियमित व्याख्याता घर बैठ कर ऑनलाइन क्लास ले लें तो ठीक अन्यथा कोई बात नहीं उन्हें सभी प्रकार से छूट है।  

इन सभी शोषणकारी रवैए के खिलाफ शासन/ प्रशासन/ जनप्रतिनिधियों को पिछले कई वर्षो से ज्ञापन/ धरने के माध्यम से अपनी मांगो को सरकार के समक्ष रख चुके है। लेकिन आजतक संगठन की मांगो को नजर अंदाज किया जा रहा है। जिससे तंग आकर उपचुनाव में मतदान ना करने का अतिथि व्याख्याताओं ने परिवार सही निर्णय लिया है।  

प्रेस कॉन्फ्रेंस की वार्ता में आज पॉलीटेक्निक अतिथि व्याख्याता संघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष योगेश इन्दोरिया, प्रदेश उपाध्यक्ष जसवंत सिंह, प्रदेश सचिव देवी दीन अहिरवार, प्रदेश सह सचिव राहुल यादव, ग्वालियर संभाग संयोजक जितेन्द्र साहू नितिन पिप्रोलिया, सूरज करोरिया, अलंकार शास्त्री,राजेश नामदेव आदि के साथ अन्य अतिथि व्याख्याता अंचल के उपस्थित रहे। 
 
पॉलीटेक्निक अतिथि व्याख्याता संघ, म.प्र. की मांगे निम्नानुसार है:-
(1.)  कालखंड व्यवस्था को समाप्त कर सभी अतिथी व्याख्यताओ का नियमितिकरण किया जावे।
(2.) एक मुश्त मानदेय के साथ स्थायित्व शासन की अधिकतम आयु सीमा तक शीघ्र दिया जावे।
(3.) जब तक नियतिमकरण नही हो जाता अतिथि व्याख्याताओं के हित में इंदौर कोर्ट केस WP/29450/2018 के निर्णय *समान कार्य हेतु समान वेतन मान* को लागू किया जावे।
(4.) MP DTE द्वारा 22 फरवरी 2020 को फिक्स सैलरी वेतन संबंधी जारी प्रस्ताव को तकनीकी शिक्षा विभाग जल्द से जल्द लागू करे।
(5.) अतिथि व्याख्याताओं को लॉक डाउन मानदेय की विसंगतियों को दूर कर मई, जून व जुलाई 2020 का मानदेय शीघ्र दिया जावे।

21 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
Facebook पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

Post a Comment

0 Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!