MP TET VARG-3 Topic- विकास को प्रभावित करने वाले कारक और उनका अधिगम से संबंध

factors affecting the development and Their relationship with Learning

जैसा कि हम अब तक जान चुके हैं कि विकास एक सतत और जीवन पर्यंत (Continuous And Lifelong) चलने वाली प्रक्रिया है चूँकि यह एक बहुत ही लंबी यात्रा है तो इस विकास की यात्रा में आने वाला हर चरण या स्टॉपेज चाहे वह आंतरिक हो या बाहरी इसे किसी ना किसी रूप से प्रभावित अवश्य करेगा।

बाल विकास को प्रभावित करने वाले आंतरिक व बाह्य कारक- External and Internal factors affecting the child development

बाल विकास को प्रभावित करने वाले आंतरिक कारकों में मुख्य रूप से वंशानुगति (Heridity), शारीरिक स्वास्थ्य (Physical Health), बुद्धि (Intelligence), संवेगात्मक कारक (Emotional Factors) आदि हैं। जबकि बाहरी कारकों में मुख्य रूप से वातावरण (Environment), गर्भावस्था के दौरान माता का स्वास्थ्य, परिवेश, जीवन की घटनाएं, भौतिक वातावरण, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति आदि मुख्य हैं।

शिक्षणशास्त्र में विकास और अधिगम का महत्व- Role of Development and Learning in Pedagogy

चूँकि विकास और अधिगम (Development and Learning) परस्पर संबंधित है, इसीलिए विकास का प्रभाव अधिगम पर भी पड़ता है और अधिगम का प्रभाव, विकास पर भी पड़ता है। विकास की अवस्थाओं के अनुसार ही, अधिगम होता है परंतु यदि विकास ही सही ढंग से ना हो तो अधिगम भी प्रभावित होगा।

विकास और अधिगम के इस घनिष्ठ संबंध को देखते हुए पाठ्यचर्या का विकास ( Development of Curriculum ) इस तरह से किया जाना चाहिए जो बालक के शारीरिक व मानसिक विकास के अंतरसंबंधों के अनुकूल हो। इस प्रकार की पाठचर्या को ही बाल केंद्रित पाठचर्या ( child centred curriculum) कहा जाता है, ऐसी पाठचर्या का निर्माण बाल विकास की विभिन्न अवस्थाओं की डिमांड के अनुसार किया जाता है।

MP TET VARG-3 संबंधित व्याख्यान
अस्वीकरण: सभी व्याख्यान उम्मीदवारों को सुविधा के लिए सरल शब्दों में सहायता के लिए प्रस्तुत किए गए हैं। किसी भी प्रकार का दावा नहीं करते एवं अनुशंसा करते हैं कि आधिकारिक अध्ययन सामग्री से मिलान अवश्य करें।


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