MP TET VERG 3 TOPIC - वृद्धि ,परिपक्वता और विकास में अंतर एवं अर्थ

mp tet varg 3 syllabus in hindi मिल चुका है। MP TET varg 3 की परीक्षा के लिए यह (Growth, Maturation and Development) एक महत्वपूर्ण टॉपिक में से एक है। किसी भी प्रकार के टीचिंग एग्जाम्स के लिए चाइल्ड डेवलपमेंट एक महत्वपूर्ण टॉपिक माना जाता है। Growth, maturation and development  यानी कि वृद्धि, परिपक्वता और विकास सुनने में एक दूसरे के लगभग पर्यायवाची लगते हैं परंतु इन तीनों शब्दों में काफी अंतर है। तो चलिए आज इसी को समझने की कोशिश करते हैं।

GROWTH (वृद्धि) का अर्थ- 

वृद्धि का मुख्य रूप से अर्थ है शारीरिक वृद्धि से अर्थ है। शारीरिक वृद्धि जो कि मात्रात्मक (Quantitative) होती है, जिसे मापा जा सकता है और जो कि एक निश्चित समय के बाद रुक जाती है।  मनुष्य की लंबाई में सामान्यतः 0 से 18 वर्ष तक वृद्धि होती है। वृद्धि आंखों से दिखाई देती है। इसे नापा जा सकता है।

MATURATION (परिपक्वता) का अर्थ 

परिपक्वता शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से वृद्धि है। जो कि मुख्य रूप से हेरिडिटी या वंशानुगति से प्रभावित होती है। मनुष्य में इसकी आयु सामान्यतः 0 से 35  वर्ष मानी गई है परंतु यह भिन्नता लिये होती है यानी किसी व्यक्ति में परिपक्वता जल्दी आ जाती है और किसी में ज्यादा समय लगता है। परिपक्वता दिखाई नहीं देती, इसे नापा नहीं जा सकता परंतु एक्सपीरियंस किया जा सकता है।

DEVELOPMENT (विकास) का अर्थ- 

विकास एक निरंतर और जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है। वृद्धि तथा परिपक्वता इसी में समाहित है। विकास शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक, भावनात्मक, भाषाई, नैतिक, सामाजिक हर प्रकार से होता है। विकास गुणात्मक (Qualitative) होता है, जिसे मापा नहीं जा सकता। इसका सीधा अर्थ होता है, पराधीनता से स्वयतत्ता  (Dependency to Autonomy) जो कि निरंतर होता है। यानी गर्भ से कब्र (Womb to Tomb) तक चलता ही रहता है।  इसी टॉपिक से संबंधित परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर हम अगले आर्टिकल में जानेंगे। मध्य प्रदेश हायर एजुकेशन और नौकरी रोजगार से जुड़े अपडेट के लिए कृपया MP career news पर क्लिक करें.


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