Loading...    
   


GWALIOR: जिस अस्पताल का पंजीयन निरस्त किया, नए नाम से फिर खुल गया - MP NEWS

ग्वालियर।
स्वास्थ्य विभाग ने जिस अस्पताल का पंजीयन निरस्त किया था, वह अस्पताल नए नाम से फिर शुरू हो गया है। बोर्ड पर काला कपड़ा लटका दिया गया है। बाकी सब कुछ जैसे पहले था वैसा ही अब है। स्वास्थ्य विभाग ने पंजीयन निरस्त करने की जानकारी सार्वजनिक दी थी परंतु नए नाम से पंजीयन करने के बाद जनता को कोई सूचना नहीं दी। सवाल यह है कि सिर्फ बोर्ड बदलने से काम चलता है तो फिर पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई क्यों की जाती है।

हॉस्पिटल रोड स्थित लोटस अस्पताल के COVID केयर सेंटर में एक महिला के साथ अस्पताल कर्मचारी द्वारा बलात्कार की कोशिश का मामला सामने आया था। इस घटना के कारण केवल अस्पताल ही नहीं बल्कि ग्वालियर जिले की समूची चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठ गए थे। प्रशासन ने जांच के बाद लोटस हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया था। वही बिल्डिंग, वही व्यवस्थाएं और वही अस्पताल स्टार हॉस्पिटल के नाम से फिर शुरू हो गया है। बिल्डिंग पर तो बोर्ड भी नहीं बदला, केवल पुराने बोर्ड पर काला कपड़ा लटका दिया गया है।

न्यू लाइफ हॉस्पिटल: दोबारा जांच हुई तो फिर मरीज मिले

शिंदे की छावनी स्थित न्यू लाइफ अस्पताल में कुछ दिनों पहले हुई छापामार कार्रवाई में अवैध रूप से कोविड मरीज भर्ती मिले थे, क्योंकि यह अस्पताल कोविड केयर में पंजीबद्व नहीं था। यहां बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण नहीं मिला और आंगन में मरीज पड़े मिले थे। जांच के बाद तत्काल न्यू लाइफ अस्पताल का पंजीयन निरस्त कर डा.संजीव थरेजा को नोटिस दिया गया। मरीजों को शिफ्ट कर संचालन बंद करने को कहा गया। कुछ दिनों बाद फिर जांच कराई तो आउटडोर मरीज भर्ती मिले। जिस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो चुका है वह पहले की तरह संचालित होता हुआ मिला। पांच मरीज भर्ती थे और ओपीडी चल रही थी।

डा.मनीष शर्मा, CMHO, ग्वालियर का बयान

लोटस अस्पताल ने नए पंजीयन के लिए आवेदन दिया था तो उनका नया पंजीयन कर दिया है। वहां अब नान कोविड मरीज भर्ती होते हैं। न्यू लाइफ अस्पताल में पंजीयन निरस्त के बाद भी दोबारा मरीज भर्ती मिले हैं, कार्रवाई की जा रही है।

कुछ सवाल जो शेष है

क्या सीएमएचओ ने लोटस अस्पताल के संचालक को नया रजिस्ट्रेशन देने से पहले यह सुनिश्चित कर लिया है कि अब इस अस्पताल में किसी भी महिला मरीज के साथ कोई अपराध नहीं होगा।
क्या जिस अस्पताल का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है उसे नए नाम से पंजीकृत किया जा सकता है।
न्यू लाइफ हॉस्पिटल रजिस्ट्रेशन कैंसिल होने के बाद भी संचालित मिला तो उसे तत्काल सील क्यों नहीं किया गया।

24 मई को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार



भोपाल समाचार: टेलीग्राम पर सब्सक्राइब करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here
भोपाल समाचार: मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here