केबिनेट से मंजूर कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना सालभर बाद भी लागू नहीं हो पाई - EMPLOYEE NEWS

भोपाल।
राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स और उनपर आश्रित परिजनों के निशुल्क इलाज के लिए सवा साल पहले राज्य कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना को 04.01.2020 को केबिनेट की मंजूरी दी थी। वित्त विभाग के निर्देश के बावजूद आज साढ़े 16 महीने बाद भी योजना पर क्रियान्वयन नहीं हुआ है। समग्र शिक्षक संघ ने इस संबंध में मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन को एक बार पुन: पत्र लिखकर प्रदेश के कर्मचारियों के हितार्थ योजना लागू करने की मांग दोहराई है।

समग्र शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री संजय तिवारी का कहना है कि कोरोना काल में इलाज के लिए ऐसी योजना की आज सबसे ज्यादा जरूरत है कई कर्मचारी शिक्षकों को इस महामारी ने सड़क पर ला दिया है,कई शिक्षक कर्मचारी और उनके परिजन आर्थिक तंगहाली और पर्याप्त इलाज के अभाव में अपनी जान भी गवाह चुके हैं और अनेकों गंभीर बीमारियों से जूझ रहे है।

समग्र शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेशचंद्र दुबे का कहना है कि कोरोना काल में कर्मचारियों और पेंशनर्स कोरोना काल में जिस प्रकार आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया है! समग्र शिक्षक संघ के वरिष्ठ प्रदेश पदाधिकारी जेपी शुक्ला का कहना है कि यदि योजना समय पर लागू की जाती तो इस महामारी की स्थिति में अनेक शिक्षक कर्मचारियों और उनके परिजनों को इलाज में मदद मिलती।

वित्त विभाग ने 19 फरवरी 2020 को नोटिफिकेशन जारी किया था

समग्र शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री संजय तिवारी का कहना है कि मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग मंत्रालय, बल्लभ भवन-2 भोपाल ने अपने पत्र क्रमांक- 125/ 2020/ब-6/चार, दिनांक 19/02/2020 के द्वारा मध्य प्रदेश शासन के समस्त विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रमुखसचिव/सचिव एवं विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर मंत्री परिषद आदेश दिनांक 4 जनवरी 2020 के निर्णय अनुसार मुख्यमंत्री राज्य कर्मचारी बीमा योजना का क्रियान्वयन के क्रियान्वयन के निर्देश प्रसारित किए थे, लेकिन आज साडे 16 माह बाद भी योजना पर अमल ना होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

राज्य में आयुष्मान योजना लागू है लेकिन कर्मचारी अधिकारी उसमें शामिल नहीं है

समग्र शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिंह पवार का कहना है कि राज्य शासन की ओर से कोरोना इलाज के लिए आयुष्मान योजना के तहत इलाज की व्यवस्था है, लेकिन इसमें केवल न्यूनतम आय वाले निर्दिष्ट परिवार शामिल है,इसमें राज्य सरकार के अधिकारी- मण्डल पेंशनर्स सहित अन्य लोग वर्तमान में शामिल नहीं हैं। राज्य में ऐसा बड़ा कर्मचारियों तबका है, जो इस लाभ से वंचित हैं।

योजना से 12 लाख से अधिक कर्मचारी अधिकारियों को होता फायदा

सूचीबद्ध राज्य कर्मचारी बीमा योजना लागू कराना होने से राज्य के 12 लाख से अधिक कर्मचारियो को सीधे पर योजना का लाभ मिलने लगेगा जिसमे निगम मण्डल के कर्मचारी भी शामिल हैं। वर्तमान में कर्मचारियों को राज्य सरकार के सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों में इलाज की व्यवस्था है। लेकिन जानकारी के अभाव में शिक्षक कर्मचारी जानकारी और आर्थिक अभाव में इलाज के लिए परेशान होते हैं, समग्र शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव नारायण सिंह हाडा और देवेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि खर्च हुई राशि को वापस लेने की प्रक्रिया भी काफी जटिल है, बजट के अभाव में भी कर्मचारियों के लाखों रुपए के बिल पहले से ही बकाया है, कोरोना काल में उनको यह सुविधा भी नहीं मिल रही है।

योजना में 10 लाख तक की है निःशुल्क कैशलैस इलाज सुविधा

समग्र शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एन एस जोशी का कहना है कि प्रस्तावित योजना के तहत सामान्य बीमारी के लिए 5 लाख और गंभीर बीमारी पर 10 लाख रुपए तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा है। सुविधा कर्मचारियों के साथ उनके परिजनों के लिए भी है, इसके लिए कर्मचारियों का हेल्थ कार्ड जारी किया जाना प्रस्तावित है, इसी के आधार पर इलाज सविता प्रस्तावित है!

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