भोपाल, 16 मार्च 2026 : आज से पहले तक हमने सुना था कि, परीक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है, परीक्षा अर्जेंट होती है, क्षेत्र का मौसम खराब हो जाये या माहौल लेकिन परीक्षा अपने समय पर होती है, लेकिन आज पता चला कि गुना में सिंधिया जी, परीक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। एक स्कूल में खुलेआम नकल चल रही थी। प्राचार्य को रंगे हाथों पकड़ लिया गया था, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी ने कुछ नहीं किया क्योंकि वह सिंधिया जी के साथ ड्यूटी पर थे।
Open Cheating Alleged During Exam as Guna DEO Seen Busy with Union Minister Visit
यह मामला चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के उमर थाना हाई स्कूल का है। चाचौड़ा थाने में अतिथि शिक्षक श्री आशुतोष बैरागी द्वारा एक शिकायत की गई है जिसकी इन्वेस्टिगेशन शुरू हो चुकी है। इसमें श्री आशुतोष ने बताया है कि, शनिवार 14 मार्च को सामाजिक विज्ञान का पेपर था। यह विषय श्री हरि सिंह चंदेल पढ़ाते हैं जो स्वयं प्राचार्य भी हैं। श्री आशुतोष का कहना है कि जब वह परीक्षा कक्ष में पहुंचे तो देखा कि वहां पर कोई भी शिक्षक नहीं है यहां तक की पर्यवेक्षक भी नहीं है। बच्चे गाइड से खुले आम उत्तर लिख रहे थे। यह देखते ही सामूहिक नकल प्रकरण बनाने के लिए, उन्होंने वीडियो शूटिंग शुरू कर दी। और परीक्षार्थियों को नकल नहीं करने की चेतावनी दी।
इसी दौरान प्राचार्य श्री हरि सिंह चंदेल ने अतिथि शिक्षक श्री आशुतोष बैरागी से मोबाइल फोन छीन लिया और तोड़ दिया। अतिथि शिक्षक की उंगलियां मोड़ दी। दोनों के बीच हुए इस झगड़े का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इतना बड़ा कांड हो गया, तुरंत जिला शिक्षा अधिकारी को सूचना दी गई लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। जब गुना के पत्रकार ने इस घटना के बारे में जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश गोयल से कार्रवाई के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि, मुझे मालूम है ऐसी घटना हुई है लेकिन फिलहाल मैं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे कार्यक्रम में ड्यूटी पर हूं। इस मामले को दिखवाता हूं।
हमारी जानकारी के अनुसार परीक्षा के लिए निर्धारित नियम कहते हैं कि, परीक्षा के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव आयोग भी नहीं लग सकता। लेकिन गुना के कलेक्टर ने, केंद्रीय मंत्री के दौर में जिला शिक्षा अधिकारी की ड्यूटी लगा दी।
गुना के कलेक्टर से बस एक छोटा सा निवेदन है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के द्वारा कार्यक्रम में जब स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगा ही दी गई थी तो परीक्षा भी स्थगित कर देते। बच्चे तो लोकल में रहते हैं। उनको कौन सा मंत्रालय चलाना है, नवरात्रि के बाद भी परीक्षा दे सकते हैं।

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