मध्य प्रदेश के दो कलेक्टरों को रात भर सोने पर शाबाशी मिली, CM मोहन आनंदित हुए

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 28 अप्रैल 2026
: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि सभी कलेक्टर ग्रामीण क्षेत्र का दौरा करें और वहीं पर रात्रि विश्राम भी करें। उनके साथ पुलिस अधीक्षक एवं जिला प्रशासन के सभी प्रमुख अधिकारी भी होना चाहिए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और उज्जैन कलेक्टर रुस्तम सिंह ने बाजी मार ली है। दोनों कलेक्टरों को ग्रामीण क्षेत्र में रात्रि विश्राम चौपाल के लिए शाबाशी दी जा रही है। अब मध्य प्रदेश के बचे हुए 53 कलेक्टरों की बारी है। 

MP’s Two Collectors Praised for Night Duty "RATRI VISHRAM"



कानून और कल्पना से नहीं, अनुभव से होता है समस्याओं का समाधान: सीएम मोहन यादव

सीएम मोहन यादव ने कलेक्टर-कमिश्नर सम्मेलन और समीक्षा बैठकों में अफसरों को सख्त निर्देश दिए कि वे:
गांवों और कस्बों में रात्रि विश्राम करें। चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद करें। सरकारी योजनाओं (जैसे गेहूं खरीदी, पेयजल, अन्य कल्याणकारी योजनाएं) की जमीनी हकीकत जानें और समस्याओं का मौके पर समाधान करें। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के इस निर्देश का उद्देश्य यह है कि प्रशासन को, आवेदन और कागजी कार्रवाई से बाहर निकाल कर फील्ड में लाया जाए और जनता के साथ सीधा जोड़ दिया जाए। 

जब कलेक्टर पूरी रात गांव में रखेंगे तो न केवल संबंधित गांव की बल्कि ग्रामीण क्षेत्र का अनुभव होगा। ग्रामीणों की समस्याओं का अनुभव होगा। डॉक्टर यादव का कहना है कि, किसी भी नागरिक के समस्या की कल्पना करने से उसका समाधान नहीं हो सकता लेकिन यदि एक बार भी उसकी समस्या का अनुभव करने का मौका मिले तो फिर उसके जैसे लाखों लोगों की समस्याओं का निदान किया जा सकता है। 

इस बारे में हमने 10 से अधिक जिलों के कलेक्टरों से बातचीत की। उनका कहना है कि जल्दी ही वह भी ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल लगाने जा रहे हैं। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारी पूरी हो गई है। ताकि चौपाल के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल समाधान भी किया जा सके। 

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