मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी, चरण स्पर्श, राधे-राधे। मैं आपसे एक विनम्र निवेदन करना चाहता हूं, हाथ जोड़कर। मैं करन यादव, निवासी ग्राम मांची, थाना जतारा, जिला टीकमगढ़, मध्य प्रदेश। मेरे गांव में जैन समाज के लोग रहते हैं। उन्होंने मेरे साथ छल-कपट करके, मेरे घर जाकर झूठ बोलकर, मेरी मूंगफली मेरे बिना पूछे खरीदी। घटना दिनांक 17-11-2025 की है। कम रेट पर खरीदी गई, जबकि उस दिन का रेट ₹5500 से ₹6370 चल रहा था, लेकिन उनके द्वारा ₹4000 प्रति कुंतल की दर से मेरी मूंगफली छल-कपट करके ले ली गई।
मैंने जैन साहब से कहा, "जैन साहब, मैं एक गरीब किसान हूं। जो आज का रेट है, उस हिसाब से मेरा पैसा दे दो या मेरी मूंगफली वापस कर दो," लेकिन उन्होंने मेरी नहीं सुनी।
बोले, "मैंने आपकी मूंगफली बेच दी है।" तो मैंने कहा, "आप मेरे साथ गलत कर रहे हैं।" मैं गांव के लोगों को भी सुनाया, मैं जतारा थाने भी गया, लेकिन गलती मेरी इतनी हो गई कि जतारा थाने वालों ने समझ कर भगा दिया और जैन साहब को फोन लगाया, "देख लेना," क्योंकि उनका लड़का डॉक्टर, बहू डीएसपी और बड़े-बड़े पदों पर हैं और बहुत पैसे वाले हैं वे लोग। मेरी किसी ने नहीं सुनी, मैं परेशान करता रहा। फिर 30-11-2025 को जैन साहब ने मुझे बुलाया कि अपना पैसा ले जाओ।
मैं पैसा लेने गया, ₹4000 प्रति क्विंटल दर से ही दे रहे थे, तो मैंने मना किया। "मेरी मूंगफली वापस कर दो," उन्होंने कहा, "पैसा ले जाओ वरना यह भी नहीं देंगे।" तो मेरा विवाद होने लगा। उन्होंने अपने डॉक्टर लड़का को फोन लगा दिया, बहू डीएसपी को भी फोन लगाया। वे एक साथ जीप में बैठकर सभी लोग आए और मेरे साथ, मेरी मां, मेरी पत्नी, मेरे लड़का के साथ मारपीट की। भद्दी-भद्दी गालियां दीं, "******, तू गांव में नहीं रह पाएगा, तेरे ऊपर मुकदमा लगवा देंगे, जेल में डलवा देंगे।" और सभी लोग जतारा थाने चले गए।
मैं भी अपनी मां, पत्नी, लड़का सभी को जतारा थाने लेकर गया। मेरा एक भतीजा और भाई वहां थे भी नहीं, मेरा भतीजा डाकखाने में छोटी सी नौकरी करता है। हम लोगों की रिपोर्ट नहीं ली गई। उन लोगों ने झूठी एफआईआर करवाई और जतारा से जो उनका भतीजा डॉक्टर है, उसने अपना जफर का पर्चा बनवाया और टीकमगढ़ में फर्जी फ्रैक्चर लगवा के हम लोगों के खिलाफ मुकदमा करवा दिया गया। हमारी डॉक्टरी हुई, लेकिन जतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फोन लगा दिया गया और हम लोगों की सिर्फ एनसीआर की गई। मैंने बहुत हाथ-पांव जोड़े जतारा थाने में, लेकिन किसी ने मेरी नहीं सुनी।
मैंने एसपी महोदय को भी आवेदन दिया, मैंने कलेक्टर महोदय को भी आवेदन दिया, फिर भी मेरी नहीं सुनी गई।
मेरे ऊपर, मेरे भतीजा, मेरा लड़का, भाई और मेरे ऊपर फर्जी मुकदमा बना दिया गया।
मैं माननीय राष्ट्रपति महोदया जी, माननीय प्रधानमंत्री महोदय जी, माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी, माननीय आईजी महोदय जी, माननीय मानव आयोग अध्यक्ष महोदय जी, एसडीओपी जी, एसडीएम जतारा महोदय जी, लोकायुक्त महोदय जी भोपाल, लोकायुक्त महोदय सागर, मंडी महोदय भोपाल, मंडी महोदय सागर, जतारा, सभी जगह आवेदन दिए।
मानव आयोग अध्यक्ष भोपाल महोदय टीकमगढ़ जिले में आए, मेरे बयान भी लिए गए।
मानव आयोग अध्यक्ष महोदय द्वारा एसपी महोदय जी, एसडीओपी महोदय जी को भी बोला गया, "इसका पैसा दिलाओ एवं कानूनी कार्रवाई करो, निष्पक्ष जांच की जाए।"
आदेशित किया गया, लेकिन आज दिनांक तक न ही मेरा पैसा दिया गया और न ही उन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।
उल्टा मेरा चालान न्यायालय में पेश कर दिया गया। हम लोगों ने हाथ-पैर जोड़कर वकील करके अपनी जमानत करवाई और न्यायालय में केस चलने लगा।
मैं आपसे हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन करना चाहता हूं, कोई अपनी मां के पेट से न डॉक्टर पैदा होता है, न कोई अपराधी पैदा होता है।
यही समाज के लोग मजबूरन अपराध की ओर भेज देते हैं और फिर एक गरीब आदमी अपराधी बन जाता है। इसलिए मैं आपसे हाथ जोड़कर अपनी बात रखना चाहता हूं।
अगर मैं कहीं गलत पाया जाता हूं, तो हम लोगों को जेल में डलवा दिया जाए।
जैन साहब से एसडीओपी साहब ने भी कहा, "इसका पैसा दे दो," लेकिन उनके घर में बड़े-बड़े पदों पर सभी लोग बैठे हैं- कोई डॉक्टर है, तो कोई डीएसपी है, तो कोई और भी बड़े-बड़े पदों पर हैं, बहुत पैसे वाले हैं। मेरी किसी ने नहीं सुनी। मैंने डाक द्वारा सभी जगह आवेदन भेजे, मेरा पैसा भी बर्बाद हुआ।
मैं सभी के हाथ-पांव जोड़ता रहा। मैं कलेक्टर महोदय के पास भी स्वयं गया, मैं एसपी सर के पास भी स्वयं गया, छतरपुर पुलिस आईजी के पास भी स्वयं गया, लेकिन मेरी किसी ने नहीं सुनी। एवं मानव आयोग अध्यक्ष महोदय का भी कहना अधिकारियों द्वारा नहीं सुना गया।
इसलिए मैं हाथ जोड़कर आपसे निवेदन कर रहा हूं कि मुझे न्याय दिलाने की कृपा करें।
मैं बहुत ही प्रताड़ित हो चुका हूं। मानसिक तरीके से मेरा दिमाग काम नहीं कर रहा है।
मेरा पूरा परिवार... मेरी मां अंधी है और मेरी मां बीमार चलती है, 30 वर्षों से ग्वालियर का इलाज चल रहा है।
आज दिनांक तक मेरे ऊपर कोई मुकदमा नहीं था, लेकिन मुझे जानबूझकर अपराधी बना दिया गया।
मैं अपना मेहनत-मजदूरी करके अपनी मां का भरण-पोषण एवं अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था।
मुझे बहुत ही प्रताड़ित किया जा रहा है और अपराध की ओर धकेला जा रहा है।
इस गरीब भाई का सहयोग करने की कृपा करें।
अगर मैं कहीं गलत पाया जाता हूं, तो मेरे ऊपर और मेरे परिवार के ऊपर कानूनी कार्रवाई करवाने की एवं जेल में डलवाने की कृपा करें।
आपका गरीब भाई, करन यादव, ग्राम मांची, थाना जतारा, तहसील जतारा, जिला टीकमगढ़, मध्य प्रदेश। मोबाइल नंबर: 9754677349
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