भोपाल, 15 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश के शिक्षा जगत में पिछले कई वर्षों से चला आ रहा 'नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता' और शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का गतिरोध अब सुलझता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ आज हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
Big Update for Senior Shikshak TET: Meeting Held with Chief Minister Sparks Expectations
बुधवार शाम करीब 7:30 बजे मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में मध्य प्रदेश शिक्षक संघ,भारतीय मजदूर संघ एवं मप्र राज्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य एजेंडा शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगें थीं, जिनमें नियुक्ति की तारीख से वरिष्ठता का निर्धारण और TET से जुड़ी विसंगतियां शामिल रहीं।
बैठक में उपस्थित प्रमुख चेहरा:
डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर (प्रदेश अध्यक्ष, मध्य प्रदेश शिक्षक संघ) एवं सह संगठन मंत्री राजीव शर्मा, कुलदीप सिंह गुर्जर (प्रदेश महामंत्री, भारतीय मजदूर संघ) एवं राज्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि के साथ अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी।
सरकार का बड़ा फैसला: सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होगी रिव्यू पिटीशन
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने शिक्षकों को आश्वस्त करते हुए एक बड़ी घोषणा की कि सरकार इस मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में 'रिव्यू पिटीशन' (पुनर्विचार याचिका) दाखिल करेगी।
डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश का बयान
हमारी सरकार शिक्षकों के कल्याण के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि न्याय की प्रक्रिया में किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो। सरकार का दृष्टिकोण हमेशा सकारात्मक रहेगा।
आंदोलन की राह थमी, समाधान की उम्मीद जगी
बैठक के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए शिक्षक संगठनों ने प्रदेश के लाखों शिक्षकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। प्रतिनिधिमंडल ने साफ किया कि सरकार अब इस मुद्दे पर रक्षात्मक होने के बजाय सक्रिय रूप से समाधान की ओर बढ़ रही है।
प्रतिनिधिमंडल के मुख्य संदेश:
चिंता की आवश्यकता नहीं: किसी भी शिक्षक या शिक्षिका को वरिष्ठता या पात्रता परीक्षा के मुद्दों पर घबराने की जरूरत नहीं है।
आंदोलन पर विराम: चूंकि सरकार ने ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया है, इसलिए वर्तमान में किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन या आंदोलन की आवश्यकता नहीं है।
न्याय की उम्मीद: रिव्यू पिटीशन के माध्यम से उन तकनीकी और कानूनी बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा जो वरिष्ठता मिलने में आड़े आ रही हैं।
रिपोर्ट: शैलेंद्र प्रजापति।

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