भोपाल, 23 अप्रैल 2026: शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से विधायक श्री प्रीतम लोधी को एक तरफ पार्टी ने कारण बताओ नोटिस दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संज्ञान लिया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि, कार्रवाई करेंगे और दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधायक प्रीतम लोधी के साथ मंच साझा करने जा रहे हैं। पॉलिटिक्स में इसको खुला संरक्षण और समर्थन कहते हैं।
Jyotiraditya Scindia to Hold Roadshow in Support of Controversial MLA Pritam Lodhi
केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मंत्रालय से जारी टूर प्रोग्राम में बताया गया है कि, 26 अप्रैल को दिशा मीटिंग और प्रेस कांफ्रेंस के बाद करीब 12:00 बजे श्री सिंधिया पिछोर के लिए रवाना होंगे, और शाम 6:30 बजे वापस आएंगे। इस दौरान स्थानीय विधायक श्री प्रीतम लोधी उनके साथ रहेंगे। बताने की जरूरत नहीं है कि, प्रीतम लोधी इस बार अपना शक्ति प्रदर्शन करेंगे और स्वाभाविक तौर पर श्री सिंधिया ने यह कार्यक्रम प्रीतम लोधी को समर्थन और संरक्षण देने के लिए ही निर्धारित किया है। पिछली बार भी जब ब्राह्मण विरोधी बयान के कारण श्री प्रीतम लोधी को पार्टी से निष्कासित किया गया था तो श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ही उनको पार्टी में वापस लाए थे।
प्रीतम लोधी से प्रॉब्लम क्या है
प्रीतम लोधी का क्राइम रिकॉर्ड है। ग्वालियर पुलिस ने प्रीतम लोधी का जुलूस निकाल दिया था। इन सारी बातों से सभ्य समाज को कोई लेन देन नहीं है। आज की तारीख में श्री प्रीतम लोधी, कुछ और विधानसभा से विधायक हैं। इस नाते उनको कुछ प्रिविलेज मिलते हैं लेकिन इसके साथ ही कुछ मर्यादाएं भी होती हैं। चुने हुए जनप्रतिनिधि को तनाव की स्थिति में भी संसदीय शब्दों का प्रयोग करना पड़ता है। श्री लोधी के बेटे ने पांच लोगों को टक्कर मारी। पुलिस ने उसका जुलूस निकाल दिया। यदि श्री प्रीतम लोधी अथवा श्री सिंधिया को पुलिस का यह व्यवहार पसंद नहीं आया था तो, संबंधित अधिकारी का ट्रांसफर करवा देते, सस्पेंड करवा देते, विभागीय जांच शुरू करवा देते। ऐसे बहुत सारे कानूनी तरीके थे लेकिन विधायक श्री प्रीतम लोधी ने बयान जारी किए।
- तेरे डैडी का है क्या करैरा।
- किसी के डैडी में दम हो तो रोक के दिखाए।
- IPS SDOP का बंगला गोबर से भरवा दूंगा।
इस तरह के बयान आपत्तिजनक हैं। बयानों को सुनकर ऐसा लगता है जैसे, कोई माननीय विधायक नहीं बल्कि इलाके का डॉन बोल रहा है।
चुनाव के समय इस प्रकार के बयान पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व ने मामले को संज्ञान में लिया है। ऐसी स्थिति में सिंधिया द्वारा दिया जाने वाला खुला समर्थन, पार्टी के प्रति सिंधिया की निष्ठा पर भी प्रश्न चिन्ह लगा देता है।

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