भोपाल, 6 मार्च 2026 : मध्य प्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शासन द्वारा जारी नवीनतम आदेश के अनुसार, हैंडपंप पेयजल योजनाओं के परीक्षण और क्रियान्वयन के लिए अब प्रत्येक जिले में 'जिला स्तरीय समिति' का गठन किया गया है।
MP Government Orders Formation of District-Level Committees for Handpump Drinking Water Schemes
समिति की संरचना और नेतृत्व इस नवनिर्मित समिति की अध्यक्षता जिला कलेक्टर करेंगे। समिति के अन्य प्रमुख सदस्यों में शामिल हैं:
उपाध्यक्ष: मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सी.ई.ओ.), जिला पंचायत।
सदस्य सचिव: कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग।
अन्य सदस्य: आई.टी.डी.पी. के परियोजना निदेशक, कार्यपालन यंत्री (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं जल संसाधन विभाग), जिला कृषि अधिकारी और मध्य प्रदेश जल निगम के परियोजना क्रियान्वयन इकाई के महाप्रबंधक।
प्रस्तावों के लिए बनेगी 'नवीन हैंडपंप प्रस्ताव पंजी'
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, कार्यपालन यंत्री (PHED) को अपने खंड कार्यालय में एक "नवीन हैंडपंप प्रस्ताव पंजी" संधारित करनी होगी। इस पंजी में विभिन्न माध्यमों, जैसे कि माननीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से प्राप्त नवीन हैंडपंपों के प्रस्तावों और मांगों को दर्ज किया जाएगा। इन सभी प्रस्तावों को अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्य आवंटन और वित्तीय व्यवस्था समिति
प्राप्त मांगों का शासन के प्रचलित मापदंडों के आधार पर परीक्षण करेगी। निर्धारित लक्ष्य के भीतर: यदि कार्य जिले के लिए आवंटित भौतिक और वित्तीय लक्ष्य के भीतर है, तो मुख्य अभियंता (PHED) द्वारा इसकी प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जाएगी।
यदि अतिरिक्त बजट की जरूरत हुई तो क्या करेंगे
यदि मांग आवंटित राशि से अधिक है, तो सांसद/विधायक निधि या खनिज मद से राशि उपलब्ध होने पर ही जिला कलेक्टर की सहमति से समिति इन कार्यों की अनुशंसा करेगी। विभाग स्पष्ट किया है कि वित्तीय देनदारियों से बचने के लिए राशि प्राप्त होने के बाद ही कार्य शुरू किया जाएगा। बंद पड़ी नलजल योजनाओं पर विशेष ध्यान समिति उन ग्राम पंचायतों की समस्याओं का भी समाधान करेगी जहाँ एकल ग्राम नलजल योजना के स्रोत सूख गए हैं या असफल हो गए हैं। ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायत से प्रस्ताव प्राप्त होने पर समिति नए जल स्रोत विकसित करने, पाइपलाइन विस्तार या विद्युत कनेक्शन जैसे कार्यों की अनुशंसा करेगी। इन कार्यों को ग्राम पंचायत, PHED या ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) में से किसी भी एजेंसी के माध्यम से कराया जा सकता है।
बैठक और क्रियान्वयन की शर्तें
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। समिति की बैठक के लिए न्यूनतम 4 सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य है, जिसमें अध्यक्ष (कलेक्टर) और सदस्य सचिव की मौजूदगी आवश्यक है। इस आदेश की प्रतियां राज्य के सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेज दी गई हैं।

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