आचार्य कमलांश, 16 मार्च 2026 : दुनिया की तमाम प्राचीन सभ्यताओं की तुलना में भारतीय सभ्यता सबसे अलग इसलिए है क्योंकि यहां जीवन के हर प्रसंग के लिए पहले से तैयारी शुरू कर दी जाती है। चैत्र नवरात्रि 19 मार्च गुरुवार को है लेकिन इसकी तैयारी 18 मार्च तक पूरी करनी है। 19 मार्च को केवल वही काम किए जाएंगे जो 19 मार्च से पहले नहीं किया जा सकते। बात को और सरल तरीके से समझना है तो आगे पढ़िए। 1 मिनट में सब क्लियर हो जाएगा:-
16 मार्च को शुद्धि और संकल्प
ज्यादातर लोग चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घर की पूजा स्थान की साफ सफाई करते हैं लेकिन शास्त्रीय विधान के अनुसार त्यौहार के तीन दिन पहले से पूजा स्थान की नियमित सफाई शुरू कर देना चाहिए। ताकि जिस दिन घट स्थापना हो उस दिन शुद्धि के विषय में कोई प्रश्न ही शेष न रह जाए। पूजा की चौकी, लाल या पीला कपड़ा, कलश, नारियल, रोली, मौली, चावल, लौंग, इलायची, कपूर, घी का दीपक, अगरबत्ती, माता की चुनरी, फल और प्रसाद की सामग्री आज ही ले आएं।
Do This Preparation Before Chaitra Navratri or Last-Minute Rush May Spoil Everything
आज ही के दिन अपने मन में नवरात्रि के व्रत का संकल्प लेंगे। निश्चित करेंगे की नवरात्रि के 9 दिन किस प्रकार से पूजा करेंगे, व्रत क्या होगा, आहार कैसा रहेगा और दिनचर्या क्या होगी। इसके लिए यदि कोई उपाय करना है तो कर सकते हैं क्योंकि अपने पास समय रहेगा। अनावश्यक क्रोध, विवाद और तामसिक चीज़ों से दूरी रखना शुरू कर दें। ताकि 19 मार्च तक अभ्यास हो जाए। 16 मार्च 2026 को चैत्र अमावस्या और सोम प्रदोष जैसे धार्मिक योग भी बताए गए हैं, इसलिए आज शुद्धि, दान, शिव-पूजन और मानसिक तैयारी के लिए अच्छा दिन है।
17 मार्च: सामग्री, नियम और दिनचर्या तय करें
अगर घटस्थापना करनी है तो जौ, मिट्टी का पात्र, स्वच्छ मिट्टी और जल का इंतज़ाम कर लें। यहां जल का इंतजाम से मतलब जल स्रोत का इंतजाम कर लेना। माता की पूजा के लिए स्वच्छ जल कहां से लाएंगे, यह आज ही निर्धारित कर लीजिए। माता की फोटो या प्रतिमा, दुर्गा सप्तशती/दुर्गा चालीसा/आरती की पुस्तक भी तैयार रखें। सुबह-शाम आरती का समय क्या रहेगा। अखंड ज्योति रखनी है या केवल पूजा समय दीपक जलाना है। यह सब कुछ आज के दिन तय कर लेंगे और इसके अनुसार तैयारी करेंगे।
18 मार्च: स्थापना-पूर्व अंतिम तैयारी
18 मार्च को पूजा-स्थान पूरी तरह सजाकर तैयार कर लें ताकि 19 मार्च की सुबह भाग-दौड़ न रहे। कलश, जौ बोने का पात्र, नारियल, चुनरी, एक जगह सजा दें। अगर आप उपवास करेंगे तो 18 मार्च की रात से ही हल्का और सात्विक भोजन लेना बेहतर रहता है। बहुत लोग इस दिन जल्दी सोकर 19 मार्च को ब्रह्ममुहूर्त या सुबह के शुभ समय में उठकर स्नान, शुद्धि और घटस्थापना की तैयारी करते हैं।
इन 3 दिनों में क्या-क्या करना अच्छा रहेगा
- घर और मन, दोनों की सफाई।
- माता के मंत्र या “या देवी सर्वभूतेषु” का जाप।
- दुर्गा चालीसा या सप्तशती का प्रारंभिक पाठ।
- जरूरतमंद को दान।
- सात्विकता, संयम और क्रोध पर नियंत्रण।
- व्रत के नियम पहले से तय करना।
नवरात्रि के पहले तीन दिनों में क्या न करें
- पूजा की सामग्री आखिरी समय पर न छोड़ें।
- घर के मंदिर को अस्त-व्यस्त न रखें।
- बहुत भारी, तामसिक या नशे वाली चीज़ों से बचें।
- नवरात्रि को सिर्फ रस्म न मानें, मानसिक अनुशासन भी रखें।
लेखक - आचार्य कमलांश भोपाल में ज्योतिष विषय के शोधार्थी हैं।

.webp)