गुना, 16 मार्च 2026 : नेता अपने देश का हो या अमेरिका का, यदि वह पावरफुल और सक्सेसफुल है तो उसका असर और नकल पूरी दुनिया में दिखाई देती है। प्रेसिडेंट ऑफ अमेरिका डोनाल्ड ट्रंप का असर राघोगढ़ तक दिखाई दिया। जबकि राधौगढ़, गुना जिले का एक कृषि प्रधान ग्रामीण क्षेत्र है। इतना पिछड़ा हुआ है कि यहां के लोग आज भी दिग्विजय सिंह को अपना राजा मानते हैं। यहां के ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर ने एक प्राइवेट स्कूल को धमकी देकर मदद मांगी है। बिल्कुल वैसे ही जैसे ट्रंप मांगते हैं।
राघोगढ़ जिला गुना के विकासखंड शिक्षा अधिकारी का नाम है डॉ अरविंद कुमार तिवारी। उन्होंने दिनांक 10 फरवरी 2026 को विवेकानंद पब्लिक स्कूल जामनेर के प्रिंसिपल को एक चिट्ठी लिखी है। विवेकानंद पब्लिक स्कूल एक प्राइवेट स्कूल है। इसकी संपत्ति पर इसकी संचालन समिति का अधिकार है और इसकी बिल्डिंग अथवा फर्नीचर, शासन द्वारा अनुदानित नहीं है। इस स्कूल के विद्यार्थी मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं और इसके लिए सभी विद्यार्थियों ने परीक्षा फीस दी है। ताकि परीक्षा के लिए बैठक व्यवस्था, पेयजल, मेडिकल और यहां तक की ड्यूटी वाले शिक्षकों और मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों का वेतन भी दिया है।
इस क्षेत्र के सरकारी जयशंकर हाई स्कूल जामनेर को बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया है। मध्य प्रदेश में परीक्षा केंद्र का निर्धारण करने से पहले यह जरूर देखा जाता है कि क्या केंद्र में परीक्षा आयोजित करने की क्षमता है। यहां क्षमता से तात्पर्य है सभी प्रकार की व्यवस्थाओं से है। जिला शिक्षा अधिकारी की अनुशंसा पर परीक्षा केंद्र की घोषणा की जाती है। गुना जिले में जामनेर के सरकारी हाई स्कूल को परीक्षा केंद्र तो घोषित कर दिया गया लेकिन इस स्कूल में परीक्षार्थियों के बैठने के लिए फर्नीचर तक नहीं है।
परीक्षा केंद्र के निर्धारण में गड़बड़ी का मामला है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बिना विजिट किए, ऐसे सरकारी स्कूल को परीक्षा केंद्र बना दिया जहां पर परीक्षार्थियों के लिए फर्नीचर तक नहीं है।
अब डोनाल्ड ट्रंप का असर देखिए
अपनी गलती पर सॉरी बोलना चाहिए। तत्काल कोई इंतजाम करना चाहिए। यदि किसी से मदद मांगनी है तो विनम्रता पूर्वक मांगना चाहिए लेकिन विकासखंड शिक्षा अधिकारी डॉ अरविंद कुमार तिवारी ने प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल को पत्र लिखा है कि आपके स्कूल के 95 विद्यार्थी सरकारी स्कूल में परीक्षा दे रहे हैं। अपने विद्यार्थियों को बैठने के लिए तत्काल फर्नीचर भेजिए अन्यथा आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पत्र में यह भी लिखा है कि, यह आदेश जिला शिक्षा अधिकारी के मौखिक आदेश के आधार पर जारी किया जा रहा है।
मतलब गलती करेंगे और सॉरी भी नहीं बोलेंगे, मदद मांगेंगे लेकिन गुंडागर्दी करेंगे। प्राइवेट स्कूल का प्रचार है सरकारी कर्मचारी नहीं होता, श्री अरविंद कुमार तिवारी अपने नाम के पहले डॉक्टर लिखते हैं, इतना तो समझना चाहिए था कि, आम नागरिकों के खिलाफ और अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होती। मदद विनम्रता पूर्वक मांगी जाती है, धमकी देकर नहीं मांगी जाती। लेकिन क्या करें, भारत के अधिकारियों में भारत के संस्कार खत्म हो रहे हैं। अब वह डोनाल्ड ट्रंप को अपना रोल मॉडल मानने लगे हैं।

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