प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिला अतिथि शिक्षक की सेवा समाप्त, हाईकोर्ट द्वारा आदेश स्थगित

Updesh Awasthee
जबलपुर, 13 मार्च 2026
: मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों को किस स्तर तक प्रताड़ित किया जा रहा है। यह मामला इसका सबसे ताजा उदाहरण है। स्कूल के प्राचार्य ने महिला अतिथि शिक्षक की मर्जी के खिलाफ उसके फोटो वीडियो कैप्चर किए। महिला अतिथि शिक्षक ने शिकायत की तो उसकी सेवा समाप्त कर दी गई। हाई कोर्ट ने सेवा समाप्ति के आदेश को स्थगित कर दिया है। 

शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, बहोरीबंद, जिला कटनी का मामला

यह कानूनी विवाद श्रीमती विमलेश खम्परिया (निवासी सिहोरा) बनाम मध्य प्रदेश शासन एवं अन्य के बीच है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सत्येंद्र ज्योतिषी और अभिषेक मिश्रा ने अदालत को बताया कि आवेदिका की नियुक्ति 26 जुलाई 2025 को लोक शिक्षण विभाग, भोपाल द्वारा ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से मेरिट के आधार पर की गई थी। उन्हें शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, बहोरीबंद, जिला कटनी में अतिथि शिक्षक के रूप में पदस्थ किया गया था।

महिला अतिथि शिक्षक की शिकायत पर प्राचार्य के खिलाफ जांच के आदेश हुए थे

याचिका में स्कूल के प्राचार्य (अनावेदक क्रमांक 5) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दलीलों के अनुसार, प्राचार्य द्वारा आवेदिका को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसमें बिना सहमति के फोटो खींचना और वीडियो बनवाना जैसे कृत्य शामिल थे। इस दुर्व्यवहार के संबंध में आवेदिका ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कटनी और आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय को लिखित शिकायत भी भेजी थी, जिसके आधार पर विभाग ने जांच के आदेश भी जारी किए थे।

तानाशाही देखिए, प्राचार्य ने शिकायतकर्ता की सेवा समाप्त कर दी

याचिकाकर्ता का मुख्य तर्क यह है कि शिकायतों और चल रही जांच के बीच, प्राचार्य ने 8 नवंबर 2025 को दुर्भावनापूर्ण तरीके से एक "मनमाना और नियम विरुद्ध" आदेश पारित कर आवेदिका की सेवाएं समाप्त कर दीं। (The female guest teacher who spoke out against harassment has been fired) अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि यह आदेश जारी करने से पहले आवेदिका को कोई 'कारण बताओ नोटिस' तक नहीं दिया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और विभागीय निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।

न्यायालय का हस्तक्षेप 

तथ्यों पर गौर करने के बाद, माननीय उच्च न्यायालय ने सेवा समाप्ति के आदेश के क्रियान्वयन पर स्थगन (Stay) लगा दिया है। इस आदेश के बाद याचिकाकर्ता की स्थिति बहाल होने की राह प्रशस्त हुई है। कोर्ट ने अब शासन और संबंधित अधिकारियों से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। 

इस मामले में राहत की बात है कि, हाईकोर्ट से समय रहते न्याय मिल गया लेकिन चिंता की बात है कि स्कूल शिक्षा में अतिथि शिक्षकों के खिलाफ नियमित शिक्षकों की मनमानी किस हद तक बढ़ गई है। वह शिकायत करता की सेवा समाप्त कर रहे हैं और डिपार्टमेंट कुछ नहीं कर रहा है।
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!