नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2026: भारत और दुनिया भर में श्री माता वैष्णो देवी के करोड़ों भक्तों के लिए चिंता वाली बात है। आज एक बड़ा खुलासा हुआ है। श्रद्धालुओं ने माता रानी को 550 करोड रुपए के चांदी के आभूषण चढ़ाए थे। जब जांच की गई तो केवल 30 करोड़ रुपए मूल्य की चांदी असली निकली। 550 में से 520 करोड रुपए की चांदी नकली निकली। पहले समाचार को विस्तार से पढ़िए उसके बाद श्रद्धालुओं को क्या करना चाहिए, इसके बारे में भी चर्चा करेंगे:-
Vaishno Devi Jewellery Scam Allegation: Claims of Fake Ornaments Worth ₹520 Crore Out of ₹550 Crore Donations
कटड़ा में स्वर्णकार एसोसिएशन कटड़ा एवं जम्मू प्रांत द्वारा माता वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ाए जा रहे कथित नकली चांदी के सामान को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में एसोसिएशन पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से बाजार में सख्त जांच अभियान चलाने की मांग की। प्रेस वार्ता के साथ जारी संगठनात्मक बैठक के दस्तावेज़ के अनुसार यह एक औपचारिक बैठक थी, जिसमें जम्मू प्रांत और कटड़ा इकाई के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता स्वर्णकार एसोसिएशन कटड़ा के प्रधान सुदर्शन कुमार कोहली ने की।
इस दौरान विनय लूथरा (सचिव, जम्मू प्रांत), अशुतोष कपूर, अजय वर्मा, अमित हीरा, रमन वर्मा, सोहित सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। बैठक दस्तावेज़ पर कुल 17 सदस्यों के हस्ताक्षर और संपर्क विवरण दर्ज किए गए, जो इस मुद्दे पर संगठन की एकजुटता को दर्शाते हैं।
आभूषणों में नकली धातू मिलने के मामले सामने आए
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि हाल के दिनों में मंदिर में चढ़ाए जा रहे चांदी के आभूषणों और धार्मिक सामग्री में नकली धातु मिलने के मामले सामने आए हैं। श्राइन बोर्ड द्वारा सरकारी टकसाल में गलाने के लिए भेजे गए लगभग 20 टन चांदी के आभूषणों में से मात्र 5 से 6 प्रतिशत ही शुद्ध चांदी प्राप्त हुई। जिन आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 550 करोड़ रुपये आंकी गई थी, उनमें से लगभग 30 करोड़ रुपये मूल्य की ही वास्तविक चांदी निकली। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में कैडमियम जैसी धातु पाए जाने की बात सामने आई, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
उनका कहना था कि कुछ गैर-पंजीकृत विक्रेता श्रद्धालुओं को कम कीमत का लालच देकर नकली चांदी के उत्पाद बेच रहे हैं, जिससे न केवल श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं बल्कि स्थानीय पंजीकृत स्वर्णकारों की साख भी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि माता के दरबार में चढ़ावा चढ़ाने से पहले सामान की शुद्धता अवश्य सुनिश्चित करें तथा केवल अधिकृत और प्रमाणित दुकानदारों से ही खरीदारी करें।
एसोसिएशन ने प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों से संयुक्त रूप से बाजार में निरीक्षण अभियान चलाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी उठाई।
श्री माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं को क्या करना चाहिए
अब, जबकि विश्वास का संकट पैदा हो गया है तो बाजार में बहुत ज्यादा छानबीन करने के स्थान पर बेहतर होगा कि श्रद्धालु अपने घर से ही चांदी के आभूषण लेकर चलें। जम्मू या कटरा के बाजार से चांदी के आभूषण खरीदने की जरूरत ही नहीं है। अपना लोकल स्वर्णकार, एवं स्थानीय बाजार का प्रतिष्ठित सराफा ब्रांड एक विश्वसनीय प्रतिष्ठान होता है। अपने लोकल में चांदी में मिलावट हो सकती है, लेकिन चांदी के स्थान पर "कैडमियम" होने की संभावना बहुत कम है। इसलिए माता को जो भी आभूषण चढ़ाने अपने घर से लेकर जाएं।

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