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MPPEB कृषि अधिकारी भर्ती परीक्षा में घोटाले का आरोप - Madhya pradesh news

भोपाल
। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, मध्य प्रदेश द्वारा कृषि विभाग के रिक्त पद ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (SADO) में नियुक्ति के लिए चयन परीक्षा का आयोजन किया गया था। एमपी पीईबी द्वारा आंसर शीट ओपन कर दी गई है। इसके बाद कुछ उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में एक विशेष परीक्षा केंद्र के अंदर घोटाले की आशंका जताई है।

नाराज हो विद्वानों द्वारा भोपाल समाचार को बताया गया कि उनके पास फिलहाल कोई प्रमाण नहीं है परंतु कुछ तर्क हैं जो यह संदेह करने के लिए पर्याप्त है कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। 
1. पेपर में 100-100 के दो भाग थे जिनमे एक मे सी सैट (c-sat) एवं एक भाग में कृषि से संबंधित प्रश्न। c-sat में कुछ छात्रों ने 100 में से 90 से अधिक अंक प्राप्त किये जो नमुमकिन सा है क्योंकि प्रश्न इतने कठिन थे कि उसमें 70 से अधिक अंक ला पाना मुश्किल था।
2. जितने भी छात्रों के नाम सामने आए है उनमें अधिकतर शर्मा उपनाम वाले है।
3. 90 से अधिक अंक लाने वाले अधिकांश उम्मीदवार चंबल संभाग से आते हैं जिन सभी का सेन्टर ग्वालियर रखा गया था।
4.व्यापम द्वारा जारी की गई उत्तर पुस्तिका की जांच करने पर पाया गया कि कुछ प्रश्न ऐसे हैं जिनके व्यापम के द्वारा उत्तर गलत लिए गए हैं ऐसे प्रश्नों के उत्तर भी इन सभी छात्रों के द्वारा व्यापम द्वारा जारी उत्तर के अनुसार हैं। इसी के कारण आशंका है कि इन छात्रों को पहले से ही उत्तर मालूम थे।
5. 90 से अधिक अंक लाने वाले सभी छात्रों ने जितने उत्तर गलत दिए हैं वह भी बिल्कुल एक जैसे हैं।
6.जिन छात्रों के नाम सामने आए हैं इन छात्रों ने नाम पहले भी व्यापम के द्वारा आयोजित pre agriculture test (PAT) के फर्जीवाड़े में भी सामने आ रहे हैं।
7.इन छात्रों का अकेडमी रिकॉर्ड भी ठीक नही हैं और इन छात्रों के द्वारा मुश्किल से अपने महाविद्यालय की परीक्षाओं को पास किया है कुछ ने तो 4 साल की डिग्री करने में 5 से 6 साल लिए ओर अचानक से ये छात्र 200 में से 198, 196,195, 189 जैसे अंक कैसे प्राप्त कर सकते हैं ?
8.इन सभी छात्रों के बड़े बड़े नेताओं से संपर्क बताये जा रहे हैं।
9.ये छात्र महाविद्यालय में भी असामाजिक गतिविधियों में लिप्त रहते थे। 

परीक्षा में घोटाले का संदेह जताने वाले उम्मीदवारों का कहना है कि ऐसा कैसे संभव है कि कुछ विद्यार्थी जिनका कॉलेज रिकॉर्ड अच्छा नहीं है, अचानक व्यापम की प्रतियोगी परीक्षा में टॉपर हो गए। इस तरह के कुल 6 उम्मीदवार हैं। जिनकी उत्तर पुस्तिकाएं लगभग एक जैसी है। सभी ने एक जैसी गलतियां की है। सभी चंबल क्षेत्र से आते हैं। सभी का परीक्षा केंद्र ग्वालियर था। इसलिए मामले की जांच कराना अनिवार्य है। 

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