SIR कार्य में लापरवाही पर कर्मचारी को सस्पेंड नहीं कर सकते: हाईकोर्ट

सेंट्रल डेस्क/ लीगल न्यूज डिपार्मेंट, 3 जनवरी 2026
: चुनाव आयोग द्वारा आदेशित मतदाता सूची के स्पेशल रिवीजन के काम में यदि कोई कर्मचारी थोड़ी लापरवाही या त्रुटि कर देता है तो इसके कारण संबंधित कर्मचारियों को सस्पेंड नहीं किया जा सकता। इस आधार पर हाईकोर्ट ने कर्मचारी के सस्पेंशन ऑर्डर को निरस्त कर दिया। 

मामले की पृष्ठभूमि

मामला उत्तराखंड का है, जो नैनीताल स्थित हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। विद्वान न्यायमूर्ति श्री मनोज कुमार तिवारी की सिंगल बेंच के समक्ष दोनों पक्षों की ओर से अपने तर्क प्रस्तुत किए गए। न्यायमूर्ति श्री तिवारी को बताया गया कि, उत्तरकाशी के पुरोला irrigation division में junior assistant को BLO duty (booth level officer) के दौरान voter list रिवीजन करने में negligence के आरोप में 5 दिसंबर 2025 को suspend कर दिया गया था। इसके पहले ना तो उसका पक्ष सुना गया और ना ही उसका अभ्यावेदन स्वीकार किया गया। इसलिए Nainital High Court में सस्पेंशन ऑर्डर को challenge करना पड़ा। 

कर्मचारी के वकील की दलील

hearing के दौरान petitioner के advocate ने Uttarakhand Government Servant Rules 2003 के rule 4(1) का reference दिया, जिसमें कहा गया है कि suspension के समय order में clearly state करना mandatory है कि आरोप इतने गंभीर हैं कि सिद्ध होने पर बड़ा दंड दिया जा सकता है। यह भी बताया कि कर्मचारियों को इसलिए निलंबित किया जाता है ताकि उसके विरुद्ध होने वाली जांच प्रभावित न हो। सजा के तौर पर सस्पेंड करने का कोई प्रावधान ही नहीं है।

हाई कोर्ट का ऑर्डर

Justice Manoj Kumar Tiwari की single bench ने department के order को faulty माना क्योंकि इसमें इस statutory requirement का compliance नहीं था। इसलिए court ने suspension को immediately cancel कर दिया। 

इस decision से employees में confidence बढ़ेगा कि minor lapses पर harsh actions नहीं लिए जा सकते, लेकिन serious misconduct के cases में proper procedure follow करना होगा। यह ruling government servants के लिए protection layer जोड़ता है, ensuring कि suspensions whimsical न हों।

पहले भी कई निलंबन आदेश निरस्त हो चुके हैं

December 2025 में High Court ने चार BLOs के suspension orders पर stay दिया था, जहां similar grounds पर challenge किया गया। इसके अलावा, Supreme Court ने states को directive दिया है कि BLO duty से stressed employees को replace किया जाए, लेकिन electoral processes को hamper नहीं होने देना चाहिए। 

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