Business Ideas for 2026: AI आने के बाद कौन सा बिजनेस करना चाहिए जो सबसे ज्यादा प्रॉफिट देगा

AI- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने 2025 में पूरे मार्केट को बदल दिया है। भारत में कई दुकानदार आज भी ऑनलाइन ई-कॉमर्स से घायल होकर पड़े हुए हैं और उनकी हालत देखकर युवा अपना बिजनेस शुरू करने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए आज हम आपको बताते हैं, AI के आने के बाद किस प्रकार के बिजनेस में सबसे हाई प्रॉफिट मिलने वाला है। यदि रणनीति पूर्व काम करेंगे तो फायदा कमाएंगे क्योंकि अब किसी दूसरे बिजनेस को कॉपी करके सफलता तो दूर की बात है पालन पोषण भी नहीं किया जा सकता। तो चलिए शुरू करते हैं:- 

2026 में AI के कारण 8 करोड़ से ज्यादा युवा बेरोजगार हो जाएंगे

AI लगातार अपडेट हो रहा है और इसके कारण 'मेकिंग' (मैन्युफैक्चरिंग) और 'थिंकिंग' (नॉलेज वर्क जैसे लॉ, मेडिसिन, फाइनेंस, डेटा एनालिसिस) जैसे जॉब्स AI से ऑटोमेट हो जाएंगे। भारत के संदर्भ में यह और भी प्रासंगिक है, जहां 2026 तक AI से 85 मिलियन जॉब्स प्रभावित हो सकते हैं, खासकर IT और BPO सेक्टर में जहां रूटीन टास्क्स (डेटा एंट्री, बेसिक कोडिंग, सपोर्ट) ऑटोमेट हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में अपना बिजनेस ही एकमात्र विकल्प है। 

AI के कारण भारत में एक करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी 

हालांकि, AI नए अवसर भी पैदा कर रहा है, जैसे AI-एन्हांस्ड सर्विसेस, जहां भारत की बड़ी पॉपुलेशन, यंग डेमोग्राफिक्स और MSME इकोनॉमी (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) से फायदा उठाया जा सकता है। भारत में AI मार्केट 2026 तक 1 मिलियन जॉब्स की डिमांड पैदा कर सकता है, लेकिन केवल 16% वर्कफोर्स AI-स्किल्ड है, इसलिए रिस्किलिंग जरूरी है। इसका मतलब जो 8 करोड़ बेरोजगार होंगे उनमें से एक करोड़ को नौकरी नहीं मिलेगी बल्कि एक करोड़ फ्रेशर्स को नौकरी मिलेगी। 8 करोड़ बेरोजगार ही रहेंगे। 

AI इफेक्ट के बाद भारत में शुरू करने योग्य बिजनेस के प्रकार 

AI भारत की सर्विस-डॉमिनेटेड इकोनॉमी (जैसे IT, BPO) को चुनौती दे रहा है, लेकिन 'केयरिंग' सेक्टर्स में ग्रोथ की संभावना है, जहां ह्यूमन टच को AI से सपोर्ट किया जा सकता है। यहां कुछ प्रॉमिसिंग बिजनेस आइडियाज हैं, जो भारत की डेमोग्राफिक्स (एजिंग पॉपुलेशन, यंग वर्कफोर्स, रूरल-अर्बन शिफ्ट) को ध्यान में रखते हैं:

1. हेल्थकेयर और एल्डर केयर सर्विसेस: 

forbes के अनुसार भारत में 2030 तक एल्डर पॉपुलेशन 20 करोड़ हो जाएगी। AI-असिस्टेड होम केयर, जैसे AI मॉनिटरिंग डिवाइसेज जो हेल्थ अलर्ट देते हैं, लेकिन ह्यूमन नर्स या थेरेपिस्ट कोर केयर देते हैं। लग्जरी एल्डर होम्स या टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म्स जहां AI डायग्नोस्टिक्स करता है, लेकिन डॉक्टर/नर्स पर्सनल केयर देते हैं। इसी प्रकार मेंटल हेल्थ काउंसलिंग ऐप्स, AI चैटबॉट्स इनीशियल स्क्रीनिंग के लिए ठीक है लेकिन, ह्यूमन थेरेपिस्ट फॉलो-अप के लिए जरूरी है। इसका मतलब हुआ कि यह एक ऐसी फील्ड है जहां पर AI अकेला कुछ नहीं कर सकता। उसको इंसान की जरूरत है और जिस व्यक्ति की देखभाल करनी है उसको भी इंसान की जरूरत है। 

2. एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट: 

AI थिंकिंग जॉब्स को प्रभावित करेगा, इसलिए रिस्किलिंग बिजनेस जैसे AI-बेस्ड पर्सनलाइज्ड लर्निंग प्लेटफॉर्म्स जहां टीचर्स ह्यूमन मेंटरिंग देते हैं, काफी पैसा बनाएंगे। 
भारत में 2026 तक AI स्किल्स की डेफिसिट 53% है, इसलिए ऑनलाइन/ऑफलाइन कोर्सेस फोकसिंग ऑन हाइब्रिड स्किल्स (डोमेन + AI) फायदेमंद साबित होंगे।

3. एग्रीकल्चर और रूरल सर्विसेस: 

भारत की 60% पॉपुलेशन एग्री-डिपेंडेंट है। AI-एन्हांस्ड प्रिसिजन फार्मिंग (ड्रोन्स फॉर क्रॉप मॉनिटरिंग) की डिमांड बढ़ेगी लेकिन यह सारा काम एडवाइजर्स और लोकल कंसल्टिंग के बिना पॉसिबल नहीं है। इसलिए इस प्रकार के एग्री-टेक स्टार्टअप्स जो फार्मर्स को AI टूल्स प्रोवाइड करते हैं, साथ में केयरिंग एलिमेंट जैसे कम्युनिटी सपोर्ट ग्रुप्स काफी सफल होंगे। 
इसके अलावा सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन जहां AI लॉजिस्टिक्स हैंडल करता है, लेकिन फील्ड केयर (जैसे क्रॉप हेल्थ चेक) के लिए ह्यूमन वर्कर्स की जरूरत होती है। काफी सक्सेस होने की संभावना है।

4. मेंटल हेल्थ और सोशल वेलबीइंग: 

पर्सनलाइज्ड थेरेपी सेंटर्स जहां AI एमोशनल स्क्रीनिंग करता है, लेकिन प्रोफेशनल्स (साइकोलॉजिस्ट्स) रियल कनेक्शन बनाते हैं। प्रोफेशनल्स के बिना AI कुछ नहीं कर सकता है। भारत में सुसाइड के मामले बढ़ रहे हैं, लोग डिप्रेशन में जा रहे हैं इसलिए मेंटल हेल्थ अवेयरनेस बढ़ रही है, इसका मतलब हुआ कि यह ग्रोइंग मार्केट है।

ये बिजनेस 'केयरिंग' पर फोकस करते हैं, लेकिन AI को इंटीग्रेट करके स्केलेबल बनाते हैं, जैसे वॉयस-बेस्ड इंटरफेसेज (रिजनल लैंग्वेजेस में) जो भारत की डिजिटाइजेशन गैप को ब्रिज करते हैं। 

कुल मिलाकर इतना समझ लीजिए कि ऐसे काम जहां भावनाओं की जरूरत पड़ती है, स्पर्श की जरूरत पड़ती है, व्यक्ति से व्यक्ति के संवाद की जरूरत पड़ती है, सेवा से संबंधित बिजनेस को AI नुकसान नहीं पहुंच पाएगा बल्कि AI आपके लिए काम करेगा और आपको AI के कारण ज्यादा फायदा होगा। इसलिए 2026 में अपना बिजनेस फाइनल करते समय यह ध्यान जरूर करना कि, कहीं यह बिजनेस मेरे बिना फुली ऑटोमेटिक तो नहीं हो सकता। मेरे बिजनेस में मेरी क्या भूमिका होगी, और क्या वह मुख्य भूमिका होगी? 
लेखन: बिजनेस न्यूज़ डिपार्टमेंट की टीम द्वारा।
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