MPSET का पेपर, भोपाल में बड़ा कांड हो गया, टिक लगे प्रश्न पत्र बांटे, नाम-रोल नंबर लिखे मिले, पुलिस ने डंडा दिखाया

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 1 मार्च 2026
: बाकी कहां क्या हुआ, यह भी पता चल जाएगा लेकिन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी खबर मिल रही है। मध्य प्रदेश राज्य पात्रता परीक्षा 2025 जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक हो गया। कमला नेहरू हायर सेकेंडरी स्कूल केंद्र में लगभग 150 विद्यार्थियों को पहले से हल क्वेश्चन पेपर थमा दिए गए। जब उम्मीदवारों ने सवाल जवाब शुरू किया तो डंडा लेकर पुलिस आ गई। 

पेपर पर किसी और कैंडिडेट का नाम और रोल नंबर लिखा था

पुलिस का डंडा कैंडिडेट्स को परीक्षा केंद्र पर सवाल करने से रोक सकता है लेकिन इसके माध्यम से मामले को दबाया नहीं जा सकता। पटना से आई कैंडिडेट कोमल ने बताया कि एग्जाम सेंटर पर 45 मिनट पहले पहुंचना था। एग्जाम दोपहर 12 बजे शुरू होना था। एग्जाम सेंटर में जो क्वेश्चन पेपर मिला, उस पर किसी अन्य कैंडिडेट का नाम चूड़ामणि और उसका रोल नंबर लिखा हुआ था। कोमल ने बताया कि उन्होंने उस प्रश्नपत्र को सबूत के तौर पर अपने पास छुपाकर रख लिया, ताकि बाद में दिखा सकें।

मीडिया से बचने के लिए अभ्यर्थियों को पीछे के गेट से बाहर निकाला

परीक्षा खत्म होने के बाद अभ्यर्थियों को पीछे के गेट से बाहर निकाला गया, ताकि वह मीडिया से मुलाकात नहीं कर पाएं। परीक्षा केंद्र से बाहर निकले कैंडिडेट्स ने बताया कि, एग्जाम शुरू होने से पहले ही क्वेश्चन पेपर खुले देखे। कई क्वेश्चन पेपर्स में 50 में से लगभग 40 सवाल पहले से ही मार्क किए हुए थे। कुछ आंसर शीट्स में अटेम्प्टेड आंसर्स और रफ वर्क भी दिखाया गया था। 

दोपहर 12 से 3 बजे तक परीक्षा थी। कमला नेहरू हायर सेकेंडरी स्कूल केंद्र में अव्यवस्था देखने को मिली। पेपर ठीक से न बंटने और उसके कारण हुए हंगामे की वजह से इसमें लगभग डेढ़ घंटे की देरी हुई। कई स्टूडेंट्स को उनके क्वेश्चन पेपर 45 मिनट बाद मिले। 

कुछ स्टूडेंट्स को कमरा नंबर 56 से 57 में ले जाया गया

रायसेन के सुल्तानपुर से आए सुरेश कुमार ने बताया कि उन्हें एग्जाम के दौरान क्वेश्चन पेपर बहुत देर से दिया गया। जब उन्हें मिला तो वह पहले से खुला हुआ था। उन्होंने इसकी शिकायत ड्यूटी पर मौजूद टीचरों से की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उन्हें चुपचाप बैठने को कहा गया। सुरेश कुमार ने बताया कि कुछ स्टूडेंट्स को एक कमरे से दूसरे कमरे (कमरा नंबर 56 से 57) में ले जाया गया, जहां क्वेश्चन पेपर पहले ही बांटे जा चुके थे। वे खुले हुए थे। पुलिस ने भी कुछ स्टूडेंट्स से क्वेश्चन पेपर ले लिए।

पुलिस वाले घोटाले को दबाने की कोशिश कर रहे थे

भोपाल के अभ्यर्थी सचिन चौहान ने बताया कि वे सेट का पेपर देने आए थे, लेकिन उन्हें समय पर प्रश्नपत्र नहीं मिला। जब पेपर मिला तो वह फटा हुआ था। उन्होंने इस बारे में सवाल किया कि उन्हें ऐसा फटा हुआ पेपर क्यों दिया गया, लेकिन उनकी बात का कोई ठीक से जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि वहां दो पुलिस वाले भी आए थे। उनसे भी सवाल किया गया, लेकिन किसी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इतना बड़ा एग्जाम होने के बावजूद व्यवस्था ठीक नहीं थी। जब अभ्यर्थियों ने विरोध किया तो उन्हें दबाव में लिया गया। पुलिस ने कहा कि ज्यादा बोलोगे तो कस्टडी में ले लेंगे। 

MPPSC एग्जाम कैंसिल करके रीशेड्यूल करे

इस दौरान स्टूडेंट्स ने सेंटर के बाहर प्रोटेस्ट भी किया। हमें पहले से सॉल्व्ड क्वेश्चन पेपर मिले हैं। हमें पेपर लीक का शक है। एग्जाम में अफरा-तफरी ने उनकी मेंटल हालत पर असर डाला है। एग्जाम की फेयरनेस पर सवाल खड़े किए हैं। कैंडिडेट्स ने मांग की है कि मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन पूरे मामले की जांच करे। दोषियों के खिलाफ एक्शन ले। एग्जाम कैंसिल करके रीशेड्यूल करे। 
जैसा कि हमेशा होता है एमपीपीएससी का मैनेजमेंट अब होली के मूड में है। जो कुछ करेगा होली के बाद करेगा और सामान्य तौर पर कैंडीडेट्स की प्रॉब्लम सॉल्व करना, उनकी आपत्तियों की सुनवाई करना। यह एमपीपीएससी वालों का पसंदीदा काम नहीं है। 

भोपाल के अलावा और कहां क्या हुआ?

मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन के स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (SET) के लिए राज्य के 12 जिलों में सेंटर बनाए गए थे। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, शहडोल, रतलाम, सतना, सागर, रीवा, नर्मदापुरम और खरगोन शामिल हैं। एग्जाम में 1 लाख 46 हजार 405 कैंडिडेट शामिल हुए। वहीं भोपाल में 52 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे, जहां 20,429 कैंडिडेट शामिल हुए। 

यह जो मामला सामने आया है वह भोपाल के केवल एक केंद्र का है। बाकी 51 पर क्या हुआ, भोपाल के अलावा मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में क्या हुआ। उम्मीद है इसका भी खुलासा होगा।

MPPSC का पक्ष 

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के OSD रविन्द्र पंचभाई ने बताया कि अब तक हमको जो जानकारी मिली है उसके हिसाब से किसी साजिश के तहत कोई गड़बड़ नहीं की गई है बल्कि एक अयोग्य कर्मचारी के कारण ऐसी स्थिति बन गई थी जिसको तत्काल नियंत्रण नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि फिर भी हमने केंद्र से पूरी रिपोर्ट मंगवाई है। यदि कहीं कुछ भी गड़बड़ मिला तो उम्मीदवारों के हित में जो होगा, वह फैसला लिया जाएगा। 
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