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एक कानून जिसमें महल और झोंपड़ी का मूल्य बराबर हो जाता है - IPC 436

भारत में महल और झोंपड़ी के बीच हमेशा से ही अंतर किया जाता रहा है। महल प्रतिष्ठा का प्रतीक है और झोंपड़ी गरीबी का। महल में रहने वाला राजा और झोंपड़ी वाला रंक कहलाता है। कभी कभी महल वाले लोग झोंपड़ी वालों को अपने पैरों की जूती मानते हैं। यदि कहीं दोनों को समान दर्जा मिल जाए तो महल वाले नाराज हो जाते हैं परंतु भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 436 के अनुसार महल और झोंपड़ी के मूल्य में कोई अंतर नहीं है। यदि कोई व्यक्ति किसी महल में ब्लास्ट कर दे या फिर झोंपड़ी में आग लगा दे, कानून की नजर में दोनों तरह के अपराध बराबर है। अपराधी को 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई जाएगी।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 436 की परिभाषा:-

अगर कोई व्यक्ति किसी आगजनी या विस्फोटक पदार्थों द्वारा निम्न कृत्य करता है:-
1. किसी पूजास्थल के रूप में उपयोग हो रहे स्थान जैसे मंदिर, मज्जिद, गुरुद्वारा, चर्च आदि में आगजनी करेगा।
2.किसी भवन में जैसे एक आलीशान महल से लेकर झोपड़ी, मिट्टी का मकान, दरवाजे-युक्त घासफूस की झोपड़ी आदि को नष्ट करेगा या आगजनी करेगा।
3.ऐसा बैंक या ऑफिस किसी संपत्ति की अभिरक्षा में उपयोग किया जा रहा है, उसको विस्फोट करेगा या नष्ट करेगा।
उपयुर्क्त कृत्य करने वाला व्यक्ति धारा 436 के अंतर्गत दोषी होगा।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 436 के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-

इस धारा का अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं होते हैं। यह संज्ञेय एवं अजमानतीय अपराध होते हैं। इनकी सुनवाई का क्षेत्राधिकार सत्र न्यायालय होता है। सजा- आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिए कारावास और जुर्माने से दण्डित किया जा सकता है।

उधरणानुसार वाद:- राजीव गांधी बनाम भारत संघ- तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व•राजीव गांधी की हत्या के समय एक विशिष्ट समुदाय के लोगो को लूट ओर आगजनी का शिकार बनाया गया था, उनकी झोपड़ी को नष्ट कर दिया गया था। राज्य सरकार उन लोगों को आवश्यक संरक्षण देने तथा उपद्रवकारियों(अपराधियों) को सजा देने में विफल रही थी। अतः मद्रास अधिवक्ता संघ एवं लॉ के छात्रों द्वारा एक लोकहित याचिका दायर की गई इस कि सुनवाई पर मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देशित किया कि वह लूटपाट और आगजनी के शिकार हुए लोगों की समुचित क्षतिपूर्ति करे। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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