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INDORE में कोरोना मरीज के शव को चूहे कुतर गए, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश - MP NEWS

इंदौर
। कोरोनावायरस संक्रमण के इलाज के नाम पर इंदौर के प्राइवेट अस्पतालों में मनमानी फीस तो वसूली जा ही रही है लेकिन मरीजों के साथ भी दुर्व्यवहार के समाचार मिल रहे हैं। अन्नपूर्णा क्षेत्र में स्थित यूनिक हॉस्पिटल में कोरोनावायरस से पीड़ित मरीज के शव को कचरे के साथ ऐसी जगह पर पटक दिया गया जहां उसे चूहे कुतर गए। परिजनों ने हंगामा किया तो अस्पताल ने पुलिस बुला ली। कलेक्टर मनीष सिंह ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

रात 3:00 बजे मौत हुई, दोपहर 12:00 बजे तक शव को चूहे कुतर चुके थे

इतवारिया बाजार के रहने वाले नवीन चंद जैन (87 साल) को सांस लेने में तकलीफ होने पर 17 सितंबर को यूनिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। परिजन के अनुसार, बुजुर्ग का कोविड वार्ड में भर्ती करके इलाज किया जा रहा था। रविवार देर रात करीब 3 बजे उनकी मौत की सूचना दी गई। हमें कहा गया कि निगम की गाड़ी उन्हें अंतिम संस्कार के लिए लेकर जाएगी। इसके बाद हम दोपहर 12 बजे अस्पताल पहुंचे तो हमने देखा कि शव को जगह-जगह चूहों ने कुतर रखा है। हमने प्रबंधन से बात की तो उनका कहना था कि हमसे गलती हो गई।

परिजनों ने हंगामा किया तो हॉस्पिटल मैनेजमेंट से कोई नहीं आया, पुलिस आ गई

परिजन प्राची जैन का कहना है कि जब हम अस्पताल पहुंचे तो उन्हें एक लाख से ज्यादा का बिल थमा दिया गया। बिल जमा करने के बाद शव दिया गया। शव देखकर हमारे होश उड़ गए। शव के चेहरे और पैर में गंभीर घाव थे। अस्पताल प्रबंधन ने शव को कहीं ऐसी जगह पटक दिया था, जहां चूहों ने शव को कुतर दिया। उनका कहना है कि चूहे ने आंख में बुरी तरह से कुतरा है। आक्रोशित परिजन ने शव अस्पताल के बाहर रखकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश दी। हालांकि, काफी देर होने के बाद भी अस्पताल की तरफ से कोई जिम्मेदार नहीं आया, जो परिजन को पूरी जानकारी दे सके।

शाम 4:00 बजे तक मरीज स्वस्थ था, रात 8:00 बजे अस्पताल ने कई कागजों पर साइन करवा लिए

परिजन के अनुसार, अस्पताल वालों ने भर्ती करने के बाद हमें मिलने नहीं दिया। रविवार शाम 4 बजे फोन पर बात हुई तो वे अच्छे से बात कर रहे थे। रात साढ़े 8 बजे अस्पताल वालों ने हमें बुलाया और हालत गंभीर बताते हुए हमसे कागज पर साइन करवा लिए। देर रात साढ़े 3 बजे हमें बताया कि उनकी मौत हो गई है। यदि वे कह देते तो हम रात में ही शव लेकर चले जाते। चार घंटे में ऐसा हो सकता है कि चूहा इस तरह से बॉडी को कुतर देंगे। अस्पताल वालों ने इस तरह से क्यों छोड़ा। ये बिल्कुल न्याय नहीं है, यह हमारे साथ अन्याय हुआ है।

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