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बच्चों का दिल दुखाने वाले को भगवान के साथ कानून भी सजा देता है, पढ़िए कितने साल के लिए जिंदगी जेल में कैद हो जाती है - ASK IPC

कहते हैं बच्चे देश के भविष्य होते हैं परंतु यह कहाबत कहाँ तक सत्य है आज के लेख में हम आपको बताएंगे कि देश के भविष्य बच्चे हैं या व्यक्ति जो उनको भविष्य बनने में रोड़ा उत्पन्न करते हैं। महिला बाल विकास मंत्रालय नई दिल्ली के अनुसार भारत में कुल 8,631 बाल संरक्षण संस्थाए काम कर रही है। इनमें से 1,522 संस्थाए कानूनी तौर पर पंजीकृत हैं। 

एक रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में कुल 121 बाल संरक्षण संस्थाए पंजीकृत हैं। उसके बाद भी अगर 2001 से 2016 तक इन 15-16 वर्षों की बात करे तो भारत में लैंगिक उत्पीड़न के कारण 1,09065 बच्चों ने आत्महत्या की है, 1,53701 बच्चे बलात्कार का शिकार हुए हैं। एवं 2,49383 बच्चों का व्यपहरण(किडनैप) हुए हैं। फिर इन बाल संरक्षण संस्थाओं को चलाने का क्या मतलब है। 

ज्यादातर बच्चों का शोषण अनाथालय, होस्टल, अवैध तरीके से चल रहे बाल संरक्षण केंद्रों आदि में ही होता है। अगर कोई व्यक्ति इसकी शिकायत दर्ज करवाने जाता है तो ये बोल कर थाने से भगा दिया जाता है कि बच्चों का मामला है बाल विकास में शिकायत दर्ज करें। और बाल विकास विभाग के अधिकारी भी उनकी बातों को संज्ञान नहीं लेते हैं इस तरह आज की स्थिति की बात करे तो भारत में बच्चों के साथ हो रही योन पीड़ा बहुत ही गंभीर समस्या है।

भारतीय दण्ड संहिता ,1860 की धारा 370 क की परिभाषा:-

अगर कोई व्यक्ति जानते हुए की किसी व्यक्ति का अवैध मानव व्यापार (दुर्व्यापार) किया गया है उसका शोषण करेगा निम्न स्तर पर:-
1. किसी नाबालिग बच्चों का दुर्व्यापार करके उनको मानसिक पीड़ा देगा या किसी रीति में लैंगिक उत्पीड़न (शोषण) करेगा।
2. किसी वयस्क व्यक्ति का दुर्व्यापार करके उनको मानसिक उत्पीड़न करेगा या लैंगिक उत्पीड़न करेगा।
ऐसा करने वाला व्यक्ति धारा 370 क के अंतर्गत दोषी होगा।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 370 क के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-

इस धारा के अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं होते हैं। यह अपराध संज्ञेय एवं अजमानतीय अपराध होते हैं, इनकी का अधिकार सुनवाई सेशन न्यायालय  को होता है। 
सजा:- 1. बच्चों का शोषण जिसका दुर्व्यापार किया गया है:- कम से कम 5 वर्ष की सजा लेकिन 7 वर्ष तक हो सकती है और जुर्माना।
2. वयस्क व्यक्ति के लिए:- कम से कम 3 वर्ष तक लेकिन 5 वर्ष तक हो सकती है और जुर्माना। 
बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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