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पुराने भोपाल में कोरोना संक्रमण का भारी खतरा, मुस्लिम समाज के हजारों लोग संदिग्ध | BHOPAL NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मुस्लिम क्षेत्रों में कोरोनावायरस का संक्रमण फैल सकता है। पुलिस एवं प्रशासन की टीमें यहां उन लोगों की तलाश कर रही है जो निजामुद्दीन दिल्ली स्थित मरकज में शामिल होकर लौटे हैं। बताया जा रहा है कि भोपाल के कुल 36 लोग इसमें शामिल हुए थे। इसके अलावा 50 जमाते भोपाल आई थी। जमातो में शामिल मुस्लिम धर्म प्रचारक भोपाल के हजारों मुसलमानों से मिले थे।

लोगों ने खुद जानकारी नहीं दी, पुलिस ने पता लगाया

सोमवार को निजामुद्दीन (दिल्ली) की मरकज से कोरोना का संक्रमण फैलने की बात सामने आई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने इसकी जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी गृह विभाग को दी थी। गृह विभाग की रिपोर्ट के बाद पता चला है कि मध्य प्रदेश से 107 लोग इस्लाम का प्रचार- प्रसाद सीखने के लिए मरकज में शामिल हुए थे। अकेले भोपाल से 31 लोग इसमें शामिल हुए। चौंकाने वाली बात यह है कि लौटने के बाद किसी ने भी ना तो खुद को क्वॉरेंटाइन किया और ना ही इसकी जानकारी प्रशासन को दी।

भोपाल की मस्जिदों में 50 जमाते रुकी थी, हजारों मुसलमानों से मिले थे

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 31 लोगों के अलावा राजधानी में दिल्ली से लौटते समय 50 जमाते शहर की अलग-अलग मस्जिदों में रुकी थीं। एक जमात में करीब 15 से 20 या इससे अधिक लोग रहते हैं। इनकी संख्या निश्चित नहीं रहती। इन जमातों के सदस्यों ने पुराने भोपाल की कई घनी बस्तियों में करीब एक सप्ताह धर्म प्रचार किया था। धर्म प्रचार करने के बाद ये जमाते वापस अन्य प्रदेशों में चली गई। सरकार ये जानकारी जुटा रही है कि ये जमाते भोपाल से प्रदेश के किन-किन जिलों में गई और अभी कहां पर हैं। 

लोगों से अपील खुद आकर जानकारी दें, नहीं तो पूरा इलाका संक्रमण के खतरे में

जानकारी के अनुसार दिल्ली से लौटी एक जमात ऐशबाग स्थित रहमानी मस्जिद में रुकी थी और यहां करीब 100 लोगों से मिली थी। इसी तरह जहांगीराबाद की तीन मस्जिदों, शाहजहांनाबाद, इतवारा, टीला जमालपुरा, ऐशबाग स्थित कई मस्जिदों में करीब पांच दिन तक रुकी थीं। मामले का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन, पुलिस की मदद से दिल्ली में निजामुद्दीन की मरकज से लौटे औऱ जमातों के संपर्क में आए लोगों की पड़ताल कर रहा है। जिला प्रशासन ने कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से बचाव के लिए लोगों से खुद आगे आकर जानकारी देने कहा है। 

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