भोपाल, 12 मई 2026: मध्य प्रदेश सरकार के फिशरीज डिपार्टमेंट (संचालनालय मत्स्योद्योग) द्वारा "एमपी इंटीग्रेटेड फिशरीज पॉलिसी 2026" के तहत राज्य में मछली उत्पादन बढ़ाने और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्टर्स और बिजनेसमेन से एप्लीकेशन मांगी गई हैं।
Bhopal Investors Invited to Apply for Cage Aquaculture & Fish Processing Projects
इस स्कीम के तहत केज (पिंजरा) लगाने और उसे चलाने के साथ-साथ मछली पालन से जुड़ी मॉडर्न एक्टिविटीज को बढ़ावा दिया जाएगा। फिशरीज डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर श्री शिरीष अग्निहोत्री ने बताया कि जिले में विभाग, जिला पंचायत और नगर निगमों के चुने हुए तालाबों और जलाशयों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए 'entrepreneur model' लागू किया जा रहा है। इसके तहत केज एक्वाकल्चर, एक्वापोनिक्स, इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग, ईको टूरिज्म और ग्रीन एनर्जी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस पॉलिसी के जरिए फिश हैचरी, आइस प्लांट, कोल्ड स्टोरेज, फिश प्रोसेसिंग यूनिट और मछली की मार्केटिंग के लिए जरूरी ढांचे (Infrastructure) को विकसित करने में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ाने पर खास जोर दिया गया है। जो बिजनेसमेन इसके पात्र होंगे, उन्हें बैंक लोन की सुविधा, ब्याज में छूट (Subvention) और टेक्निकल हेल्प भी दी जाएगी।
इच्छुक इन्वेस्टर्स और बिजनेसमेन 20 मई 2026 तक अपने जिले के फिशरीज डिपार्टमेंट के ऑफिस में डीपीआर (DPR) और जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। स्कीम से जुड़ी ज्यादा जानकारी विभाग की वेबसाइट (https://www.mpfisheries.gov.in) पर उपलब्ध है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह पॉलिसी राज्य में मछली उत्पादन बढ़ाने, रोजगार के नए मौके पैदा करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। रिपोर्ट: विजय/अरुण शर्मा, एडिटिंग बालकृष्ण कश्यप।

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