भोपाल, 10 मई 2026: मध्य प्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग ने राज्य के अंतर्गत आने वाले विश्राम भवनों और विश्राम गृहों के कमरों के आरक्षण अधिकारों को लेकर एक नया आदेश जारी किया है। 8 मई 2026 को मंत्रालय, भोपाल से जारी इस आदेश के तहत अब अलग-अलग स्तर के विश्राम गृहों के आरक्षण के लिए विशिष्ट अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Government Changes Booking Rules for All State Rest Houses Across Madhya Pradesh Including Bhopal
आदेश के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के विश्राम गृहों के लिए आरक्षण अधिकार निम्नानुसार निर्धारित किए गए हैं:
राजधानी स्थित विश्राम भवन: इनका आरक्षण करने का अधिकार राज्य सत्कार अधिकारी के पास होगा।
जिला स्तर के विश्राम भवन (सर्किट हाउस): जिलों में स्थित सर्किट हाउस के आरक्षण का अधिकार जिला कलेक्टर को दिया गया है।
राजधानी मुख्यालय स्थित समस्त विश्राम गृह (रेस्ट हाउस): इनके लिए आरक्षण का अधिकार मुख्य अभियंता, कार्यालय प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग को सौंपा गया है।
जिला मुख्यालय, तहसील स्तर या उससे नीचे स्थित विश्राम गृह: इन क्षेत्रों के विश्राम गृहों के आरक्षण का अधिकार संबंधित जिले के कार्यपालन यंत्री (लोक निर्माण विभाग) के पास होगा।
लोक निर्माण विभाग के उप सचिव ए.आर. सिंह के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ये निर्देश तत्काल प्रभाव से प्रभावशाली हो गए हैं। आदेश में यह भी उल्लेख है कि आरक्षण संबंधी शेष शर्तें पूर्व की भांति यथावत रहेंगी। इस आदेश की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग, सभी संभागायुक्तों, जिला कलेक्टरों और लोक निर्माण विभाग के सभी प्रमुख अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेज दी गई है।

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