जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत देश के नागरिकों और जनता के लिए कुछ विशिष्ट कर्तव्य और कानूनी दायित्व निर्धारित किए गए हैं, ताकि जनगणना का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके। जनगणना अधिनियम 1948 के अनुसार प्रमुख दायित्व निम्नलिखित हैं:
Census Duty Alert: Understanding Legal Responsibilities to Avoid Possible Penalty
प्रश्नों का उत्तर देने की बाध्यता (धारा 8): प्रत्येक व्यक्ति जनगणना अधिकारी द्वारा पूछे गए उन सभी प्रश्नों का अपनी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार सही-सही उत्तर देने के लिए कानूनी रूप से आबद्ध है, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट किया गया है। हालांकि, इसमें कुछ छूट भी दी गई है; जैसे किसी व्यक्ति को अपने परिवार की किसी स्त्री सदस्य का नाम बताने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, और न ही कोई स्त्री अपने पति या मृत पति का नाम बताने के लिए बाध्य है, यदि उनकी रूढ़ियाँ इसकी अनुमति नहीं देतीं।
प्रवेश और संख्यांकन की अनुमति देना (धारा 9): किसी भी घर, परिसर, जलयान या अन्य स्थान का अधिभोगी (occupier) जनगणना अधिकारियों को जनगणना के प्रयोजनों के लिए उसमें प्रवेश करने की अनुमति देने के लिए बाध्य है। साथ ही, अधिकारी को जनगणना के लिए आवश्यक अक्षरों, चिह्नों या अंकों को उस स्थान पर अंकित करने या लगाने की अनुमति देना भी जनता का दायित्व है।
अनुसूची (Schedule) को भरना (धारा 10): यदि जनगणना अधिकारी किसी निवास-गृह या वाणिज्यिक/औद्योगिक प्रतिष्ठान के प्रबंधक या अधिभोगी को कोई अनुसूची (फॉर्म) देता है, तो उस व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह उसमें माँगी गई विशिष्टियों को अपनी सर्वोत्तम जानकारी के अनुसार सही-सही भरे, उस पर हस्ताक्षर करे और उसे अधिकारी को सौंप दे।
सटीक और स्पष्ट जानकारी देना: जनगणना नियमों के अनुसार, जनता से यह अपेक्षा की जाती है कि वे जनगणना के माध्यम से पूछे जाने वाले प्रश्नों के संबंध में सटीक और स्पष्ट जानकारी देकर सहयोग करें।
दंडात्मक प्रावधान (धारा 11): यदि कोई व्यक्ति इन कानूनी दायित्वों का उल्लंघन करता है, तो उसे दंडित किया जा सकता है। इसमें निम्नलिखित कार्य शामिल हैं:
- पूछे गए प्रश्नों का जानबूझकर मिथ्या (गलत) उत्तर देना या उत्तर देने से इनकार करना।
- जनगणना अधिकारी को प्रवेश करने से रोकना।
- जनगणना के लिए लगाए गए चिह्नों या अंकों को हटाना या नुकसान पहुँचाना।
- बिना पर्याप्त कारण के अनुसूची भरने में विफल रहना या उसमें गलत जानकारी देना।
इन अपराधों के लिए एक हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
जनगणना डेटा की गोपनीयता बनाए रखना सरकार का दायित्व है (धारा 15), लेकिन इसकी सफलता काफी हद तक जनता द्वारा दी गई सही जानकारी और उनके सक्रिय सहयोग पर निर्भर करती है।
लेखक श्री उपदेश अवस्थी, पत्रकार एवं कानूनी सलाहकार है।
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