इंदौर, 3 मई 2026: आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री क्षितिज सिंघल द्वारा जनगणना के महत्वपूर्ण कार्य में संलग्न अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा कार्य पर उपस्थित नहीं होने पर ऐसे कुल 289 कर्मचारियों/अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। संतोष जनक जवाब नहीं मिलने पर जनगणना अधिनियम 1948 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
Big Action in Indore Census: Notices Issued to 289 Officials for Lapses
विदित हो कि जनगणना कार्य हेतु विभिन्न विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों को कार्य आवंटित किया गया था, किंतु दिनांक 01 मई 2026 अथवा तत्पश्चात लगातार सूचित किए जाने के उपरांत भी कई अधिकारी कर्मचारी कार्य हेतु उपस्थित नहीं हुए है। जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के शासकीय कार्य के प्रति लापरवाही एवं अनुशासनहीनता का परिचायक होने से तथा मध्य प्रदेश सिविल सेवा अचार नियम 1965 के नियम- 3 (1) (एक) (दो) (तीन) में निहित प्रावधानों के विपरीत होने से कर्मचारियों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा कठोर अनुशासन कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है।
अनुपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारियों के उक्त कृत्य के लिए 289 सेवकों के विरूद्ध मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के प्रावधानों के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने हेतु विभागीय जांच प्रस्तावित करने एवं जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 की उप धारा (1) के भाग (क) भाग (ख) भाग (ग) के अधीन अधिनियम की धारा 13 (क) एवं अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्यवाही हेतु कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।
साथ ही इस संबंध में अनुपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारी को तत्काल कार्य पर उपस्थित होने तथा अपना समाधानकारक स्पष्टीकरण दिनांक 04 मई 2026 को अपरान्ह 05:30 बजे तक चार्ज अधिकारी के समक्ष सुसंगत दस्तावेजों सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। नोटिस द्वारा सूचित किया है कि कार्य पर अनुपस्थिति तथा समाधान कारक स्पष्टीकरण प्राप्त न होने की स्थिति में एकपक्षीय कार्यवाही की जावेगी।

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