भोपाल, 03 मई, 2026: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court of Madhya Pradesh), इंदौर खंडपीठ ने प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2025 (Primary Teacher Test 2025) में विशेष शिक्षकों (Special Teachers) की नियुक्ति को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश पारित किया था। माननीय न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई (Justice Jai Kumar Pillai) ने 18 अप्रैल 2026 को याचिका संख्या WP 9946/2026 पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को सख्त निर्देश जारी किए थे। आदेश का पालन के लिए सरकार को 30 दिन का समय दिया गया था लेकिन आज 03 मई, 2026 तक डिपार्टमेंट की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। निराश उम्मीदवार कंटेंप्ट आफ कोर्ट की तैयारी कर रहे हैं।
The Background
अंकित कुमार और अन्य याचिकाकर्ताओं ने अदालत में गुहार लगाई थी कि 18 जुलाई 2025 को जारी भर्ती विज्ञापन में CRR (Central Rehabilitation Register) सर्टिफिकेट अपलोड करने का अनिवार्य प्रावधान शामिल नहीं किया गया था। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि यह चूक सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेशों का उल्लंघन है। RTI (सूचना का अधिकार) से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह दावा किया गया कि इस तकनीकी खामी के कारण 14,964 ऐसे उम्मीदवार परीक्षा के पहले चरण में चुन लिए गए हैं, जिनके पास अनिवार्य CRR सर्टिफिकेट नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि इन अपात्र उम्मीदवारों को प्रक्रिया से बाहर कर केवल योग्य प्रमाण-पत्र धारकों को ही अवसर दिया जाए।
Key Directions by High Court
कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की दलीलों को ध्यान में रखते हुए आदेश दिए हैं, 30 दिनों के भीतर (18 मई, 2026 तक) सत्यापन (Verification within 30 Days): अदालत ने प्रतिवादी संख्या 1 और 2 को निर्देश दिया है कि वे RTI सूची में चिन्हित 14,964 उम्मीदवारों के CRR सर्टिफिकेट का गहन सत्यापन करें।
झूठे दावों की पहचान:
उन सभी उम्मीदवारों की भी पहचान और सत्यापन किया जाएगा जिन्होंने पहले चरण के दौरान CRR सर्टिफिकेट होने का दावा किया था, लेकिन वास्तव में उनके पास यह उपलब्ध नहीं है।
समय सीमा: यह पूरी सत्यापन प्रक्रिया अदालत के आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर पूरी होनी अनिवार्य है।
आगे की कार्यवाही: सत्यापन के बाद प्राप्त नए निष्कर्षों के आधार पर ही विभाग को भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ने के निर्देश दिए गए हैं।
Importance of CRR for Special Teachers
विशेष शिक्षकों की नियुक्ति के लिए CRR नंबर होना एक अनिवार्य योग्यता है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से यह भी मांग की थी कि ऑनलाइन पोर्टल में सामान्य डिप्लोमा और विशेष डिप्लोमा के साथ CRR नंबर दर्ज करने का विकल्प अलग से दिया जाए और विशेष शिक्षकों के लिए अलग कट-ऑफ लिस्ट जारी की जाए।
Impact on Recruitment
इस आदेश के बाद अब 14,964 चिन्हित उम्मीदवारों की पात्रता खतरे में पड़ सकती है यदि उनके पास वैध CRR प्रमाण पत्र नहीं पाए जाते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अपात्र उम्मीदवारों को हटाकर योग्य प्रमाण-पत्र धारकों को चयन प्रक्रिया का लाभ मिलना चाहिए।
MP Primary Teacher Exam: Verification of 14,964 Candidates’ CRR Certificates Still Pending
हाई कोर्ट ऑफ़ मध्य प्रदेश द्वारा 18 अप्रैल को जारी किए गए आदेश का पालन करने के लिए 30 दिन का समय दिया था, लेकिन आज दिनांक 03 मई, 2026 तक हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ है। इसके कारण योग्य उम्मीदवारों की बेचैनी बढ़ने लगी है। वह एक बार फिर विशेषज्ञों और वकीलों से संपर्क कर रहे हैं। हाई कोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला दर्ज करवाने के लिए तैयारी कर रहे हैं। हालांकि फिलहाल 15 दिन बाकी है। देखते हैं स्कूल शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कुछ करता है।
आयुक्त डॉ अजय खेमरिया ने भी पत्र लिखा था
इस मामले में आयुक्त दिव्यांगजन मध्य प्रदेश शासन डॉ अजय खेमरिया ने भी दिनांक 30 अप्रैल 2026 को एक पत्र लिखकर, मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल भोपाल के अध्यक्ष को कार्रवाई करने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद कर्मचारी चयन मंडल भोपाल के द्वारा अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कमिश्नर, डॉ अजय खेमरिया ने भोपाल समाचार को बताया कि वह इस बारे में रिमाइंडर जारी करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।

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