भोपाल, 7 मई 2026: मध्य प्रदेश के दमोह जिले में कलेक्टर की जासूसी करने वाले कलेक्टर के स्टेनोग्राफर को सस्पेंड कर दिया गया। आरोपी कर्मचारी द्वारा कलेक्टर की जासूसी जिस प्रकार से की जा रही थी, आप जानकर चौंक जाएंगे। इस न्यूज़ के अंदर दूसरा बड़ा समाचार यह भी है कि, इस मामले की इन्वेस्टीगेशन कलेक्टर ने खुद की है।
MP Administrative Shock: Stenographer Accused of Spying on Collector, Suspended
दमोह जिले के कलेक्टर श्री प्रताप नारायण यादव ने स्वयं वीडियो जारी करके बताया कि, वह अपने चेंबर में अधिकारियों के साथ बैठकर छापामार कार्रवाई की रणनीति बना रहे थे। उनको जहां छापा मारना था, वहीं से संबंधित एक कॉल बैक आ गया। सामने वाले व्यक्ति ने पूछा कि क्या आप यहां पर छापा मारने आने वाले हैं। कलेक्टर आश्चर्यचकित थे, क्योंकि अभी मीटिंग खत्म भी नहीं हुई थी। सभी लोग चेंबर में थे और किसी ने फोन कॉल या मैसेज नहीं किया था। कलेक्टर श्री यादव का माथा ठनक गया। वह इस बात को लेकर परेशान हो उठे कि उनके चेंबर में जो भी बात होती है, वह बाहर कैसे चली गई। फिर कलेक्टर श्री यादव ने जासूस को पकड़ने के लिए किसी बड़ी इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के एक्सपीरियंस ऑफिसर की तरह काम किया।
Bureaucratic alert: Steno Caught for Spying on Collector, Suspension Ordered After Probe
कलेक्टर श्री यादव ने अपने टेबल पर अपना मोबाइल रखा और उसमें तेज आवाज में न्यूज़ चला दी। फिर वह अपने चैंबर से बाहर निकले। फिर उन्होंने अपने आसपास रखे हुए टेलीफोन चेक करना शुरू किया। कोर्ट रूम में रखा हुआ टेलीफोन, मीटिंग रूम में रखा हुआ टेलीफोन, इस प्रकार चेक करते हुए जब वह अपने स्टेनोग्राफर के रूप में पहुंचे और टेलीफोन उठाकर चेक किया तो उस पर, चेंबर के अंदर की आवाज सुनाई दे रही थी।
स्थिति स्पष्ट हो चुकी थी, स्टेनोग्राफर ने कलेक्टर श्री यादव के टेलीफोन में एक खुफिया माइक लगा दिया था। जिसके कारण कलेक्टर की चेंबर में जो कोई भी बातचीत हो रही होती थी, सब कुछ स्टेनोग्राफर को सुनाई देती थी। कलेक्टर की जासूसी करने वाले कलेक्टर के स्टेनोग्राफर श्री सचिन खरे को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा कलेक्टर ऑफिस में लंबे समय से काम करने वाले सभी कर्मचारियों को मूल विभाग में वापस भेज दिया गया।

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