भोपाल, 04 मई 2026: मामला बेहद गंभीर है क्योंकि जिस किसान को हत्या के लिए हथियार दिया गया था, उसने सुसाइड कर लिया और उसी ने वीडियो जारी करके मामले का खुलासा कर दिया। यह मामला मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की हत्या की साजिश का है। इस मामले में भाजपा के नेता और पूर्व विधायक श्री शशांक भार्गव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आप इसको पार्टी के अंदर चल रहे खूनी संघर्ष के रूप में भी देख सकते हैं।
Farmer Did Not Kill Shivraj Singh, Died by Suicide; Case Filed Against Former MLA
मध्यप्रदेश के विदिशा में बेहलोट गांव में किसान श्री गोविंद गुर्जर की डेड बॉडी रेलवे ट्रैक पर मिली। वह पूर्व विधायक श्री शशांक भार्गव के खेत पर बटाईदार किसान था। श्री शशांक भार्गव पहले कांग्रेस पार्टी में थे, कांग्रेस पार्टी के टिकट पर ही विधायक बने थे। 2024 में भाजपा में शामिल हो गए। अब भाजपा की नेता हैं। पुलिस का कहना है कि किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली है। इसके बाद मृत किसान के परिजनों ने पुलिस को 4 वीडियो दिए, जो किसान ने अपनी मृत्यु से पहले स्वयं रिकॉर्ड किए थे। वीडियो में बटाईदार किस श्री गोविंद गुर्जर बता रहे हैं कि, वह गांव बहरोड़ का रहने वाला है और पिछले तीन वर्षों (2023, 2024, 2025) से पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमीन बटाई पर लेकर खेती कर रहा था। उसने कर्ज लेकर धान और गेहूं की फसल लगाई थी। समझौते के अनुसार, आधी रकम धान की फसल पर और आधी गेहूं की फसल पर मिलनी थी।
गोविंद के मुताबिक, फैक्ट्री में आग लगने के बाद भार्गव ने धान की पूरी रकम अपने पास रख ली और बाद में गेहूं के पैसे भी नहीं दिए। जब वह पैसे मांगने गया, तो उससे स्टांप पेपर लाने को कहा गया। गोविंद का कहना है कि वह पढ़ा-लिखा नहीं है, उससे कुछ लिखवाकर हस्ताक्षर करवा लिए गए और अगले दिन पैसे देने की बात कही गई।
पूर्व विधायक शशांक भार्गव पर गंभीर आरोप
गोविंद ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब वह अगले दिन पैसे लेने पहुंचा, तो उसे रिवॉल्वर देकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन की हत्या करने का दबाव बनाया गया। गोविंद ने कहा कि उसने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया और बताया कि वह एक गरीब व्यक्ति है, जो अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। इसके बाद उस पर धमकी और दबाव बनाया गया। उसने आरोप लगाया कि बाबू, नारायण, जितेंद्र, दुर्गेश, बृजेश और राकेश नाम के लोगों के साथ मिलकर उसे कई बार मारा-पीटा गया और लगातार धमकाया गया।
इसके अलावा एक वीडियो में उसने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव और दूसरे वीडियो में राजस्थान में कांग्रेस के नेता एवं गुर्जर समाज के युवा नेता श्री सचिन पायलट से मदद मांगी थी।
विदिशा के एसपी रोहित कासवानी ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। वहीं सीएसपी अतुल सिंह के मुताबिक शुरुआती जांच में मृतक द्वारा लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर पूर्व विधायक के खिलाफ BNS की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) में केस दर्ज किया गया है।
विदिशा के गोविंद गुर्जर ने आत्महत्या की या हत्या की गई?
यहां ध्यान दीजिए, वीडियो में बटाईदार किसान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की हत्या की साजिश का खुलासा कर रहा है लेकिन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) का मामला दर्ज किया है। मतलब शिवराज सिंह की हत्या की साजिश का मामला अभी भी दर्ज नहीं किया गया है।
दूसरी ध्यान देने वाली बात यह है कि, वीडियो में बटाईदार किसान श्री गोविंद गुर्जर ने कहीं भी यह नहीं कहा है कि वह आत्महत्या करने जा रहा है। उसकी डेड बॉडी रेलवे ट्रैक पर मिली। पुलिस का कहना है कि उसने रेलवे ट्रैक पर चलती ट्रेन के सामने कूद कर आत्महत्या की है, लेकिन क्या यह भी हो सकता है कि, किसान को चलती ट्रेन के सामने फेंक दिया गया हो?
इसके पीछे मोटिव भी मिलता है क्योंकि, बटाईदार किसान ने वीडियो जारी करना शुरू कर दिया था।
अंतिम सवाल: सुसाइड से पहले शिवराज सिंह को क्यों नहीं बताया
इस पूरे घटनाक्रम में, एक बात समझ में नहीं आ रही है, बटाईदार किसान साहस का परिचय देते हुए वीडियो जारी किया और अपने रिश्तेदारों को भेजें परंतु ना तो किसान और ना ही किसान के परिजनों में से किसी ने, घटना से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से संपर्क किया। यदि इस सवाल का जवाब मिल जाए तो शायद पूरी कहानी सामने आ जाएगी।

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