सीधी, 9 मई 2026: कलेक्टर श्री विकास मिश्रा ने महिला बाल विकास विभाग की एक महत्वपूर्ण फाइल मंगवाई तो उसे देखते ही कलेक्टर को चक्कर आ गया। फिर जैसे ही उनकी चेतना वापस लौटी, कर्मचारी सहायक वर्ग 3 को तुरंत सस्पेंड कर दिया और उसकी प्रभारी ऑफिसर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। यदि अधिकारी ने जांच में सहयोग नहीं किया तो उन्हें भी सस्पेंड कर दिया जाएगा।
Collector Shocked After Reviewing File, Employee Suspended and Departmental Probe Ordered Against Officer
दरअसल, जबलपुर हाई कोर्ट में एक पुराना केस चल रहा था, जिसकी सुनवाई 8 मई को कलेक्टर कोर्ट में होनी थी। जब सुनवाई के दौरान कमचड़ आंगनवाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता से जुड़ी असली फाइल (मूल नस्ती) मंगवाई गई, तो उसे देखकर सब सन्न रह गए। फाइल की हालत बहुत ज्यादा खस्ता थी, पन्नों को दीमक चाट गई थी और वे बिल्कुल सड़ी-गली (क्षत-विक्षत) हालत में मिले। दफ्तर के बाकी कागजों का ढेर भी एकदम तितर-बितर और अव्यवस्थित पड़ा था। कलेक्टर श्री विकास मिश्रा ने इसे काम में बड़ी ढिलाई माना और तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दे दिए।
अब आगे क्या होगा?
आदेश के मुताबिक, राजभान सिंह को सस्पेंड करके उनका मुख्यालय अब सीधी नंबर-2 ऑफिस बना दिया गया है। जब तक वे सस्पेंड रहेंगे, उन्हें नियम के हिसाब से बस गुज़ारे लायक 'जीवन निर्वाह भत्ता' (खर्चा-पानी) ही मिलेगा। उधर, ज्योति मैडम पर भी अपने नीचे वालों के काम पर नज़र न रखने और लापरवाही बरतने के लिए विभागीय जांच की आंच आ गई है।

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