MP VIRAL NEWS - मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना का स्वरूप बदलने वाला है, जानिए आगे क्या होगा

Updesh Awasthee
भोपाल, 7 मई 2026
: आज बृहस्पतिवार की सुबह सोशल मीडिया पर एक खबर बहुत तेजी से वायरल हो रही है। मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना का स्वरूप बदलने वाला है। अभी महिलाओं को हर महीने उनके बैंक अकाउंट में किस्त मिलती है, लेकिन स्वरूप बदलने के बाद शायद ऐसा नहीं होगा। आईए जानते हैं कि यदि स्वरूप बदलेगा तो फिर नया स्वरूप क्या होगा।

Ladli Behna Yojana in MP Could Change Soon, Beneficiaries Should Know This

यह समाचार प्रतिष्ठित पत्रकार श्री अनिल गुप्ता द्वारा लिखा गया है। दैनिक भास्कर ने भोपाल में फ्रंट पेज पर प्रकाशित किया है। शीर्षक में लिखा है लाडली को रोजगार मॉडल से जोड़ेंगे। समाचार के अंदर दिखाई की डॉ मोहन यादव की सरकार लाडली बहन योजना की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने पर फोकस कर रही है। महिलाओं को रोजगार और छोटे व्यवसायों से जोड़ा जाएगा। सरकार बैंक लोन को सरकारी अनुदान से लिंक करने की योजना बना रही है। साथ ही लाड़ली बहना योजना और किसान सम्मान निधि की राशि का उपयोग स्थायी रोजगार और स्वरोजगार मॉडल तैयार करने में करने पर भी काम चल रहा है। 

जहां तक किसान सम्मान निधि की बात है, तो यह केंद्र की योजना है। इसका पूरा नाम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) है जो 100% केंद्र सरकार द्वारा फंडेड है। मतलब ₹6000 केंद्र सरकार से डायरेक्ट किसान के खाते में ट्रांसफर होता है। मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में राज्य सरकार का हिस्सा भी शामिल कर दिया था। मतलब ₹6000 केंद्र के और ₹6000 राज्य सरकार की ओर से दिए जाते हैं। ऐसी स्थिति में किसान सम्मान निधि के स्वरूप में परिवर्तन करना आसान नहीं होगा। 

अब बात लाडली बहना योजना की। यह पूरी तरह से मध्य प्रदेश राज्य सरकार की योजना है। विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस पार्टी ने कहा था, चुनाव के बाद लाडली बहना योजना बंद कर दी जाएगी। फिर कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद बंद कर दी जाएगी। जबकि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव लगातार कहते रहेगी योजना चलेगी और मासिक किस्त की राशि बढ़ा कर ₹3000 की जाएगी। मध्य प्रदेश में महिलाओं को विश्वास हो गया है कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले उनको उनके खाते में ₹3000 मिलेंगे और ₹5000 महीने की घोषणा होगी, लेकिन अब नई खबर आ रही है। 

पत्रकार श्री अनिल गुप्ता के पास जो जानकारी है, वह सही है या नहीं, यह तो बाद में पता चलेगा लेकिन यदि जानकारी को सही मान लिया जाए तो निम्न संभावनाएं हो सकती हैं:- 
पॉइंट नंबर 1: सरकार बिहार के जीविका मॉडल को केस-स्टडी के रूप में देख रही है, जो DAY-NRLM (दीन दयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) पर आधारित है। इसमें महिलाओं को सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि संगठित तरीके से आय का स्रोत दिया जाता है। MP में इसे इस तरह लागू किया जा सकता है: 

स्व-सहायता समूह (SHG) बनाना: 10-15 महिलाओं के छोटे-छोटे ग्रुप बनाए जाएंगे। लाडली बहना की मासिक राशि को ग्रुप सेविंग्स में इस्तेमाल किया जाएगा। मतलब महिलाओं के बैंक खाते में डायरेक्ट पैसा नहीं आएगा बल्कि उनके समूह के बैंक खाते में सरकार की तरफ से सबका टोटल डिपॉजिट कर दिया जाएगा। फिर NABARD या बैंक से लोन मिलेगा (माइक्रो-फाइनेंस)। सरकार ब्याज सब्सिडी या मैचिंग ग्रांट (अतिरिक्त अनुदान) देगी। इस प्रकार महिलाओं को एक बड़ा फंड मिल जाएगा और वह अपना काम धंधा शुरू कर सकेंगी।

स्किल ट्रेनिंग + रोजगार लिंकेज: महिलाओं को RSETI, PMKVY या स्थानीय ITI से फ्री ट्रेनिंग (टेलरिंग, डेयरी, हैंडीक्राफ्ट, फूड प्रोसेसिंग, ब्यूटी आदि)। ट्रेनिंग के बाद जॉब प्लेसमेंट या खुद का छोटा बिजनेस शुरू करवा दिया जाएगा। उदाहरण: उद्योगों में काम करने वाली लाडली बहनों को अतिरिक्त ₹5000 माहवार देने का ऐलान पहले ही हो चुका है।

लोन + अनुदान का कॉम्बिनेशन: लाडली राशि को बैंक अकाउंट में सेविंग्स दिखाकर Mudra Yojana, PMEGP या राज्य की महिला उद्यमी योजनाओं से लोन लिया जाएगा। सरकार लोन पर ब्याज सब्सिडी या 20-50% कैपिटल सब्सिडी देगी। साथ ही बीमा कवर भी दिया जाएगा। इस प्रकार प्रत्येक महिला को अकेले अपने पैरों पर खड़े होने का मौका मिलेगा। समूह की झंझट नहीं होगी।

एसेट ट्रांसफर (Graduation Approach): सिर्फ कैश नहीं, गाय/बकरी/मशीनरी जैसी प्रोडक्टिव एसेट भी दी जाएगी + कोचिंग (मेंटरिंग) + मार्केट लिंकेज (ई-कॉमर्स या लोकल मंडी)। यह BRAC बांग्लादेश मॉडल जैसा होगा, जो दुनिया में सबसे सफल माना जाता है। 
नतीजा: आज की ₹1500 की किस्त कल की स्थायी आय (₹5,000-10,000/माह) में बदल जाएगी। 

समाचार के माध्यम से सरकार मन टटोल रही है

यह भी हो सकता है कि, इस समाचार के माध्यम से सरकार महिलाओं का मन टटोलने की कोशिश कर रही है। यदि यह प्रस्ताव महिलाओं को मंजूर हो गया तो योजना का स्वरूप बदल दिया जाएगा। यदि महिलाओं ने विरोध किया तो फिर ₹3000 तक, जैसी घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी, वैसा ही चलते रहने दिया जाएगा।
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