लखनऊ, 05 मई 2026: उत्तर प्रदेश राज्य के कर्मचारियों की भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राजधानी लखनऊ में आयोजित हुई कैबिनेट मीटिंग में उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती का वर्ष की परिभाषा का प्रतिस्थापन) नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी गई। पूर्व में यह बच्चों के शिक्षा सत्र और मौसम के आधार पर निर्धारित थी। योगी सरकार ने अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर निर्धारित कर दी है।
UP Cabinet Approves 2026 Rules Redefining “Year of Recruitment” in Public Service
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने, राज्य शासन के अधीन आने वाले कर्मचारियों की भर्ती और पदोन्नति को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से उनके चयन वर्ष में बदलाव कर दिया है। पहले कर्मचारियों का चयन 1 जुलाई से होता था और उनका वर्ष 30 जून को समाप्त होता था लेकिन अब अंग्रेजी कैलेंडर के साथ 1 जनवरी को चयन और 31 दिसंबर को वर्ष की समाप्ति होगी। सरकार का मानना है कि कैलेंडर वर्ष के अनुरूप चयन वर्ष तय करने से रिक्त पदों की गणना अधिक सटीक और समयबद्ध तरीके से हो सकेगी।
नए बदलाव के बाद यह पूरी प्रक्रिया कैलेंडर वर्ष के अनुरूप हो जाएगी। कार्मिक विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जुलाई कटआफ होने के कारण जनवरी से जुलाई के बीच सेवानिवृत्त होने वाले कई कर्मचारी आवश्यक सेवा अवधि पूरी नहीं कर पाते और पदोन्नति से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में दिसंबर नई कटआफ डेट बनाने से अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकेगा और पदों का सही आकलन भी संभव हो पाएगा।
कार्मिक विभाग के अनुसार, चयन वर्ष में बदलाव से अधिक पदों पर भर्ती और पदोन्नति के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता और समन्वय बेहतर होगा। नियमावली में संशोधन संबंधी आदेश जारी होने के बाद सभी विभाग नए चयन वर्ष के आधार पर रिक्त पदों की गणना शुरू करेंगे, जिससे आगामी भर्तियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

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