भोपाल समाचार, 27 अप्रैल 2026: सरकार स्वयं को दूरदर्शी रहती है और स्कूल शिक्षा विभाग तो भविष्य के लिए ही काम करता है लेकिन सिस्टम में बैठे अधिकारी परीक्षा का टाइम टेबल जारी करने से पहले मौसम का पूर्वानुमान तक चेक नहीं करते। भारत में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो चुका है और मध्य प्रदेश में जून के पहले सप्ताह में Heatwave की पूरी संभावना है। इसके बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग वालों ने कक्षा 5 और कक्षा 8 के मासूम बच्चों की परीक्षा का टाइम टेबल जारी कर दिया।
MP Schools to Hold Class 5 & 8 Exams Amid Severe Heatwave; Timetable Released
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह ने बताया कि जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि पुन: परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा आयोजन से पूर्व शाला स्तर पर विषयवार अतिरिक्त शिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। परीक्षार्थियों द्वारा पूर्व में प्रोजेक्ट कार्य पूर्ण नहीं करने अथवा प्रोजेक्ट कार्य में 7 से कम अंक होने की स्थिति में छात्रों से अनुत्तीर्ण अथवा अनुपस्थित रहे विषयों के प्रोजेक्ट कार्य पूर्ण करवाकर शाला स्तर पर मूल्यांकन किया जाए एवं प्रोजेक्ट के प्राप्तांकों की प्रविष्टि परीक्षा पोर्टल पर कराई जाएगी।
गांव की स्कूल में परीक्षा नहीं होगी, जनशिक्षा केन्द्र जाना होगा
कक्षा 5वीं व 8वीं की पुन: परीक्षा के लिए परीक्षा केन्द्र केवल जनशिक्षा केन्द्र स्तर पर बनाए जाएंगे। अगर किसी जिले में किसी परीक्षा केन्द्र पर 500 से अधिक परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हों तो उस स्थिति में राज्य शिक्षा केन्द्र से अनुमति उपरांत दूसरा परीक्षा केन्द्र निर्धारित किया जा सकेगा। परीक्षा केन्द्र निर्धारण उपरांत शाला की मैपिंग संबंधित बी.आर.सी.सी. द्वारा 15 मई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोई बच्चा बीमार हो गया तो अस्पताल ले जाएंगे
राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा स्वयं को एल संवेदनशील बताते हुए, कहा है कि: प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर शीतल पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही नियमित अंतराल पर बच्चों को पानी पिलाये जाने, लू-लपट व डिहाईड्रेशन से सुरक्षित रखने के लिए परीक्षा केन्द्रों में ओरल रिहाईड्रेशन साल्यूशन (ओ.आर.एस.) की उपलब्धता, पंखों की व्यवस्था एवं स्वास्थ्य संबंधी विषय स्थिति परिलक्षित होने की स्थिति में निकटस्थ स्वास्थ्य केन्द्र अथवा अस्पताल ले जाने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं।
कृपया राज्य शिक्षा केंद्र की इस व्यवस्था को पलट कर देखिए। भीषण गर्मी और एल के दौरान परीक्षा देने के लिए बच्चों को अपने घर से दूर जाना पड़ेगा। परीक्षा केंद्र पर केवल पीने का पानी और ORS मिलेगा जबकि मौसम विशेष आगे कह रहे हैं कि इस बार अप्रैल के लास्ट वीक से जून के फर्स्ट वीक तक, ऐतिहासिक गर्मी पड़ेगी। सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे। ऐसी गर्मी से पहले कभी नहीं देखी गई। राज्य शिक्षा केंद्र ने व्यवस्था दी है कि यदि कोई बच्चा बीमार होता है तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जाएगा।
सवाल यह है की परीक्षा केंद्र पर मेडिकल टीम क्यों नहीं होगी, एंबुलेंस क्यों नहीं होगी और ऐसी गर्मी में जब लू चल रही होगी, तो केवल पंखे में मासूम बच्चों की परीक्षा का आयोजन क्यों किया जा रहा है। जब बच्चों की संख्या कम है तो कोई AC हॉल बुक क्यों नहीं कर रहे हैं। कम से कम किराए पर कलर ही ले सकते हैं। गरीबों के बच्चों की जान की कोई कीमत नहीं होती क्या।

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