ग्वालियर, 26 अप्रैल 2026: ग्वालियर के विकास की रूपरेखा तय करने वाली दो सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं ग्वालियर विकास प्राधिकरण और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण में हालिया नियुक्तियों से भाजपा के सिंधिया गुट में खुशी की लहर दौड़ गई है। सिंधिया समर्थकों का कहना है कि, अंतिम सूची ने यह साफ कर दिया है कि ग्वालियर के निर्णयों में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का बड़ा प्रभाव रहता है। इधर श्री सिंधिया ने भी अपना कार्यक्रम बदल दिया है। वह 27 तारीख को दिल्ली वापस लौटने वाले थे लेकिन अब ग्वालियर जा रहे हैं।
आर्थिक शक्ति केंद्रों पर सिंधिया के खेमे के लोगों की नियुक्तियां
सोशल मीडिया पर सिंधिया समर्थकों का दावा है कि, जीडीए और साडा केवल के मुख्य पदों पर नियुक्तियों को लेकर जो हालिया विश्लेषण सामने आए हैं, वे इशारा करते हैं कि यह केवल संगठन की मजबूती नहीं, बल्कि सिंधिया के दबदबे का परिणाम है।
सिंधिया समर्थक दावा कर रहे हैं कि, ग्वालियर विकास प्राधिकरण (GDA) अध्यक्ष पद पर मधुसूदन भदौरिया की नियुक्ति में सिंधिया की रजामंदी और उपाध्यक्ष के रूप में सुधीर गुप्ता व वेद प्रकाश शिवहरे का चयन सीधे तौर पर सिंधिया खेमे की मजबूती को दर्शाता है। इसी प्रकार यह भी दावा किया गया है कि:-
विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SADA): ग्वालियर के भविष्य के विस्तार के लिए जिम्मेदार इस संस्था की कमान अशोक शर्मा को सौंपी गई है, जबकि हरीश मेवाफरोश को उपाध्यक्ष बनाया गया है। ये दोनों भी सिंधिया के खेमे के लोग हैं।
सिंधिया समर्थकों की ओर से पत्रकारों को खुलेआम बताया गया है कि, इन नियुक्तियों के बाद अब यह स्पष्ट है कि ग्वालियर के विकास निर्णयों में सिंधिया की भूमिका और उनका दबदबा न केवल कायम है, बल्कि पहले से कहीं अधिक संगठित और सशक्त होकर उभरा है।

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