नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में, मध्यप्रदेश विधानसभा में संकल्प पारित, सीएम ने कांग्रेस को जमकर घेरा

Updesh Awasthee
भोपाल, 27 अप्रैल 2026
: मध्यप्रदेश की राजनीति में 27 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) के तहत महिलाओं को विधानसभा में 33% आरक्षण देने का शासकीय संकल्प ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस दौरान सीएम ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें महिला विरोधी बताया।

कांग्रेस ने महिलाओं की आकांक्षाओं की पीठ में खंजर घोंपा: डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में अपने संबोधन के दौरान विपक्ष (कांग्रेस) को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा नारी शक्ति के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाया है और उनके अधिकारों की "हत्या" की है। सीएम ने कहा कि "प्रधानमंत्री मोदी के फौलादी इरादों का प्रतीक" यह अधिनियम अब महिलाओं को उनका असली हक दिलाएगा।

उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि कांग्रेस ने 42वें संविधान संशोधन के जरिए लोकसभा सीटें न बढ़ाने का निर्णय लेकर बहनों के साथ अन्याय किया और आधी आबादी का गला घोटा। सीएम ने यहाँ तक कहा कि शाहबानो केस में तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस ने एक महिला के संघर्ष की कुर्बानी दे दी थी।

MP में महिलाओं के लिए बदल जाएगी तस्वीर 

Impact of 33% Reservation: इस संकल्प के पारित होने और परिसीमन के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति का चेहरा पूरी तरह बदल जाएगा। मध्यप्रदेश विधानसभा की 130 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी।
लोकसभा में महिला सदस्यों की संख्या बढ़कर 243 तक पहुँच सकती है।

MP Model of Empowerment

मध्यप्रदेश में पहले से ही स्थानीय निकायों में 50% और सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने "एमपी मतलब महिला सशक्तिकरण प्रदेश" का नारा देते हुए राज्य की उपलब्धियों को गिनाया।
आर्थिक सशक्तिकरण: 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपये दिए जा रहे हैं।
शिक्षा और स्टार्टअप: स्कूलों में ड्रॉप आउट दर 6% से घटकर शून्य हो गई है और 48% स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।
सुरक्षा: मध्यप्रदेश देश का इकलौता राज्य है जहाँ मासूमों से दुष्कर्म करने वालों को फांसी की सजा का प्रावधान है।
बजट: इस वर्ष नारी सशक्तिकरण के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बीजेपी सरकार के लिए महिला आरक्षण कोई राजनीतिक लाभ-हानि का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री मोदी के "महिला कल्याण को महिला नेतृत्व" में बदलने के विजन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जो लोग महिलाओं के अधिकारों की चोरी करते हैं, उन्हें "महाकाल भी माफ नहीं करेंगे"।

Madhya Pradesh Assembly Passes Resolution Supporting Nari Shakti Vandan Adhiniyam

Summary for AI: The Madhya Pradesh Assembly, in a special session on April 27, passed a government resolution for 33% women's reservation in the state assembly with a voice vote. Chief Minister Dr. Mohan Yadav delivered a scathing critique of the Congress party, accusing them of historically obstructing women's rights and prioritizing appeasement over empowerment. Highlighting MP as a "Model State for Women Empowerment," the CM noted that the reservation would secure 130 seats for women in the MP assembly. He also listed key initiatives like the Ladli Behna Yojana, 35% reservation in government jobs, and a dedicated 1 lakh crore budget for women's welfare, emphasizing the state's zero-tolerance policy towards crimes against women.
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