भोपाल, 27 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान हमेशा अपने भाषणों में कहा करते थे कि किसानों की आयु दोगुना करनी है। किसानों का क्या हुआ वह तो किसान ही जाने लेकिन आयकर विभाग के रिकार्ड बताते हैं कि, उनके कार्यकाल में कृषि विकास अधिकारी की कमाई 5 गुना से ज्यादा हो गई। उनका जीवन भर में कुल मिलाकर 63 लाख रुपए वेतन भत्ते मिले थे, जबकि उनके पास 5 करोड़ की संपत्ति पाई गई।
MP Agriculture Officer’s Income Allegedly Surges Fivefold Amid Farmers’ Distress; 3 Cases Registered
यह मामला पूर्व कृषि विकास अधिकारी श्री शोभाराम धारीवाल का है। श्री धारीवाल अब रिटायर हो चुके हैं लेकिन उनके खिलाफ काली कमाई के मामले अब शुरू हुए हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने श्री शोभाराम धारीवाल के खिलाफ बेनामी संपत्ति के तीन मामले दर्ज किए हैं। इसमें श्री शोभाराम धारीवाल के साथ उनकी पत्नी श्रीमती कपूरी देवी और दोनों बेटे सोमेंद्र एवं कोमेंद्र के नाम भी शामिल है। मतलब पूरा धारीवाल परिवार आयकर विभाग के कानूनी चक्कर में फंस गया है।
भोपाल कोर्ट में आयकर डिपार्टमेंट ने क्लेम किया है कि, उनकी इन्वेस्टिगेशन के अनुसार श्री शोभाराम की घोषित संपत्ति 63 लाख रुपये होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तव में यह लगभग 5 करोड़ रुपये मिली। उन्होंने बेटे कोमेंद्र के नाम 29, सोमेंद्र के नाम 19 और पत्नी के नाम 6 बेनामी संपत्तियां खरीदीं। कोर्ट में पेश दस्तावेजों के अनुसार, बेटों के नाम पर ये सभी संपत्तियां उस समय खरीदी गई थीं, जब वे नाबालिग थे।
अपीलीय ट्रिब्यूनल (साफेमा) ने 2024 में शोभाराम धारीवाल और परिवार के मामले में फैसला सुनाया था। इसमें यह पुष्टि की गई थी कि शोभाराम धारीवाल ने अपनी सेवा के दौरान अवैध कमाई का उपयोग करके अपने बेटों और पत्नी के नाम पर संपत्तियां खरीदी थीं। इसमें शोभाराम के दोनों बेटों सौमेंद्र धारीवाल और डोमेंद्र धारीवाल और उनकी पत्नी कपूरी देवी धारीवाल को इन संपत्तियों का बेनामीदार घोषित किया गया था।
ट्रिब्यूनल ने माना था कि इन संपत्तियों का असली मालिक शोभाराम धारीवाल ही है।

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