जबलपुर, 27 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का मामला आज एक कदम और आगे बढ़ गया। हाईकोर्ट में माननीय मुख्य न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा एवं माननीय न्यायमूर्ति विनय श्रॉफ की खंडपीठ द्वारा की गई। इसके बाद बहस की रणनीति बनाई गई। इस बात को आप ऐसे समझ सकते हैं कि, मैच के लिए टॉस हो चुका है, इसमें तीन टीम खेल रही हैं। सबसे पहले कौन प्रदर्शन करेगा, दूसरा नंबर किसका होगा और सबसे लास्ट में किसको अपने तर्क प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। यह बात फाइनल हो गई है।
MP 27% OBC Quota Case: High Court Concludes Final Round of Arguments from All Sides
आज मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर में मुख्य न्यायाधीश मूर्ति की खंडपीठ में ओबीसी आरक्षण से संबंधित 86 याचिकाएं सूचीबद्ध थी, उक्त याचिकाओं की सुनवाई हाई कोर्ट द्वारा पूर्व में दोपहर 12:30 से सुनवाई करने का आदेश पारित किया गया था, लेकिन आज दो डिवीजन बैंचो के अवकाश पर होने के कारण ओबीसी आरक्षण के प्रकरणों की सुनवाई 12:30 बजे से नहीं हो सकी। बाद में उक्त प्रकरणों की सुनवाई शाम 4:35 से 5:10 तक माननीय मुख्य न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा एवं माननीय न्यायमूर्ति विनय श्रॉफ की खंडपीठ द्वारा की गई।
आज की सुनवाई में खंडपीठ द्वारा सभी पक्षों के अधिवक्ताओं से कितने समय बहस में कंज्यूम किए जाएंगे की अंडरटेकिंग ली गई, आज हाई कोर्ट ने निर्धारित किया की सर्वप्रथम ओबीसी आरक्षण के विरुद्ध दायर याचिका कर्ताओ के अधिवक्ताओं को सुना जाएगा तत्पश्चात मध्य प्रदेश शासन को इसके बाद ओबीसी पक्ष में दायर याचिकाओं मे अधिवक्ता को सुना जाएगा। ओबीसी आरक्षण के पक्ष में दायर याचिकाओं मे याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता वरुण ठाकुर, शशांक रतनू, दिव्या वीर सिंह, परमानंद साहू, उदय साहू, अखिलेश प्रजापति रमेश प्रजापति, काजल विश्वकर्मा, पुष्पेंद्र शाह ने पक्ष रखा।
मध्य प्रदेश शासन की ओर से विशेष अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह, शासन की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह तथा ए.एस.ज़ी. के.एम नटराज तथा ओबीसी आरक्षण के विरोध में दायर याचिका कर्ताओं की ओर से आदित्य संगी, अंशुमान सिंह, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अमन लेखी एवं प्रदीप सांचेती ने रखा।

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