इंदौर, 27 मार्च 2026: शहर में स्वच्छता के नाम पर सिर्फ साफ सड़के और दीवारों पर पेंटिंग दिखाई देती है। जहां भी कोई परत हटा कर देखो, कचरा नहीं बल्कि जानलेवा गंदगी मिलती है। इस चित्र में जो आप देख रहे हैं वह खेत नहीं बल्कि तालाब है और ऐसा इसलिए हो गया है क्योंकि इस तालाब में नियमित रूप से सीवेज का पानी भरा जा रहा है। आपको याद होगा इसी इंदौर शहर के भागीरथपुरा में नर्मदा जल में सीवेज का पानी पीने के कारण 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इस तालाब की स्थिति इससे भी खतरनाक है। आचमन भर से बेहोश हो सकते हैं।
Clean Indore’s Toxic Truth: This Lake’s Water Can Make You Unconscious
अब आपको जानकर दूसरा आश्चर्य होगा। इस तालाब का नाम सिरपुर तालाब है जो एक महत्वपूर्ण रामसर साइट है। रामसर साइट का मतलब होता है ऐसा जल स्रोत, जो पूरी तरह से प्राकृतिक है और पृथ्वी पर जीवन के विकास के लिए आवश्यक होने के कारण संरक्षित कर दी गई है। अब, क्योंकि यहां पर बोटिंग नहीं कर सकते, इवेंट्स आयोजित नहीं कर सकते, इसलिए नगर निगम के नेताओं ने ध्यान देना भी बंद कर दिया। नतीजा प्राकृतिक जल संरचना को सुवेज वॉटर टैंक बना दिया गया। इसके कारण पूरे तालाब में जलकुंभी फैल गई।
नगर निगम के आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल ने आज सिरपुर तालाब का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने तालाब के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। आयुक्त द्वारा तालाब के समीप स्थापित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का अवलोकन किया गया तथा प्लांट के माध्यम से तैयार किए जा रहे ट्रीटेड वाटर के उपयोग एवं तालाब में छोड़े जा रहे जल की गुणवत्ता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
साथ ही आयुक्त द्वारा सिरपुर तालाब में फैल रही जलकुंभी (वाटर हायसिंथ) को तालाब से हटाने के लिए प्लान बना कर कार्यवाही करने के निर्देश वर्कशॉप प्रभारी श्री मनीष पांडे एवं सीवरेज शाखा के संबंधित अधिकारियों को दिए, ताकि तालाब की स्वच्छता एवं जैव विविधता को बनाए रखा जा सके। इसकी साथ ही तालाब में मिलने वाले अपशिष्ट जल नहीं मिले इस हेतु निरंतर ध्यान देने ओर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

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